शिवपुरी जिले की नगर परिषद पिछोर में चल रहे प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव का मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। सोमवार को नगर परिषद पिछोर की अध्यक्ष कविता विकास पाठक एवं वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद ममता मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को लिखित शिकायत सौंपते हुए थाना पिछोर में दर्ज एफआईआर झूठा बताते हुए उसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। शिकायत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आनंद शर्मा पर अभद्रता, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कविता पाठक ने बताया कि वह नगर परिषद पिछोर की अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित हैं, जबकि पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी निर्वाचित हुए हैं। अध्यक्ष का आरोप है कि विधायक के निर्वाचित होने के बाद से ही नगर परिषद में राजनीतिक दबाव की स्थिति बन गई है और इसी कारण सीएमओ द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
7 जनवरी 2026 की घटना -
अध्यक्ष के अनुसार, 7 जनवरी को समग्र योजना अंतर्गत तीन हितग्राहियों को परिवार सहायता राशि वितरित की जानी थी। इसके लिए सीएमओ द्वारा सूचना भेजी गई थी। अध्यक्ष ने वाहन भेजने को कहा, लेकिन वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद वे अपने पांच वर्षीय पुत्र और भतीजे के साथ स्वयं मोटरसाइकिल से नगर परिषद कार्यालय पहुंचीं।
कार्यालय में अध्यक्ष ने नगर की साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर सीएमओ से सवाल किए और कैशबुक दिखाने की मांग की, जिसे सीएमओ ने नहीं दिखाया। इसी दौरान उन्होंने अपने पति विकास पाठक को फोन कर कार्यालय बुलाया।
झूठा केस दर्ज कराने का आरोप -
शिकायत के मुताबिक अध्यक्ष के पति विकास पाठक और वार्ड क्रमांक 5 के ममता मिश्रा पार्षद पति कपिल मिश्रा नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, लेकिन वे भवन के अंदर नहीं गए और बाहर गैलरी में बैठे रहे।
आरोप है कि इसी दौरान सीएमओ आनंद शर्मा ने पुलिस को सूचना देकर नगर परिषद कार्यालय में पुलिस बुला ली।
अध्यक्ष का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस बुलाने का कारण पूछा तो सीएमओ ने उनके साथ गाली-गलौच की, हाथ पकड़कर धक्का दिया और धमकी दी कि वे उनके पति और पार्षद पति को झूठे केस में फंसा कर जेल भिजवा देंगे। इसके बाद सीएमओ की शिकायत पर थाना पिछोर में मामला दर्ज कर लिया गया।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग -
अध्यक्ष और पार्षद का कहना है कि नगर परिषद कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इन कैमरों की फुटेज से यह स्पष्ट हो जाएगा कि न तो उनके पति और न ही पार्षद पति ने शासकीय कार्य में बाधा डाली और न ही कार्यालय में प्रवेश किया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सीएमओ आनंद शर्मा के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं। बिना परिषद की सहमति के श्रावण मेला निजी एजेंसी को देने, विकास कार्यों में रुचि न लेने जैसे मामलों को लेकर न्यायालय में परिवाद भी प्रस्तुत किया गया है, जो वर्तमान में विचाराधीन है।
अध्यक्ष और पार्षद ने एसपी से मांग की है कि थाना पिछोर में दर्ज अपराध क्रमांक 09/26 की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए, सीएमओ आनंद शर्मा के खिलाफ अभद्रता, धमकी और गाली-गलौच के आरोपों में अलग से प्रकरण दर्ज किया जाए, सीसीटीवी फुटेज और प्रस्तुत पैन ड्राइव का अवलोकन किया जाए।

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