शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान डॉक्टरों व सुरक्षा गार्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम बारा निवासी वीकेश जाटव ने अपनी माँ धन्ती जाटव के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि इलाज से इनकार करने पर विरोध जताने के दौरान डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट भी की।
पीड़ित के अनुसार उसकी 14 वर्षीय बहन कुसुम जाटव आंत की बीमारी से पीड़ित है और उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। पहले ऑपरेशन के असफल होने के बाद सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के पश्चात पुनः ऑपरेशन सफल हुआ, लेकिन आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद कोलोस्टोमी बैग व अन्य सामग्री बाहर से मंगवाई गई।
विकेश ने बताया कि 12 जनवरी को जब वे कोलोस्टोमी बैग लगवाने मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो डॉक्टरों ने इलाज और प्रस्तावित दूसरे ऑपरेशन से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान डॉ. रमन ओहरी और डॉ. अनंत कुमार राखुण्डे ने सुरक्षा गार्डों को बुलाकर अभद्र व्यवहार कराया। वीकेश जाटव के साथ थप्पड़ मारने और उनकी माँ को धक्का देने के साथ जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मोबाइल फोन भी छीने गए और पुलिस में पकड़वाने की धमकी दी गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के बिना ही मेडिकल कॉलेज से भगा दिया गया।
एसपी कार्यालय में दिए आवेदन में पीड़ित ने संबंधित डॉक्टरों व सुरक्षा गार्डों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया है।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर डी परमहंस का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में सभी मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया है। अगर किसी के साथ धक्कामुक्की हुई है और उन्हें बाहरी मेडिकल से सामान लाने को कहा गया है वह इसकी जांच कराने के बाद कार्यवाही करेंगे।

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