शिवपुरी जिला अस्पताल के गायनिक वार्ड में शुक्रवार दोपहर भर्ती के लिए लाई गई एक गर्भवती महिला के परिजनों और अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड के बीच प्रवेश को लेकर विवाद हो गया। परिजनों ने महिला गार्ड पर अभद्र व्यवहार करने, हाथ पकड़कर खींचने और थप्पड़ मारने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। वहीं घटना के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ देर तक विवाद की स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार नरवर निवासी सात माह की गर्भवती सीमा प्रजापति को अत्यधिक ब्लीडिंग होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का कहना है कि नरवर के शासकीय अस्पताल से गुरुवार रात ही भर्ती का पर्चा बन गया था, लेकिन जंगल का रास्ता और खराब मौसम होने के कारण वे रात में शिवपुरी नहीं आ सके। शुक्रवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचने पर पहले पुराने पर्चे पर भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। काफी प्रयास और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को गायनिक वार्ड में भर्ती किया गया।
मरीज की ननद चेतना प्रजापति ने बताया कि भर्ती के बाद कार की चाबी उनके पास रह गई थी, जिसे बाहर खड़े अपने भाई को देने के लिए वह वार्ड से बाहर आई थीं। आरोप है कि इसी दौरान गेट पर तैनात महिला सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोक लिया, हाथ पकड़कर खींचा और थप्पड़ मारने की बात कही। विरोध करने पर पुलिस के पास भेजने की धमकी भी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर खड़े उनके भाई के साथ भी गार्ड ने अभद्र व्यवहार किया।
मरीज के परिजन निशांत प्रजापति ने बताया कि भर्ती के दौरान जांच, पर्चे और अन्य औपचारिकताओं के लिए मरीज के परिजनों को लगातार वार्ड से बाहर आना-जाना पड़ता है। ऐसे समय में यदि मरीज के साथ आए लोगों को वार्ड में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा तो जरूरी कागजी कार्रवाई और जांच संबंधी प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि उस समय गर्भवती महिला दर्द से परेशान थी, लेकिन सहयोग मिलने के बजाय परिजनों के साथ अभद्रता की गई।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने संबंधित महिला सुरक्षा गार्ड से बात की है। गार्ड के अनुसार मरीज के साथ पहले से ही दो अटेंडरों को गायनिक वार्ड में प्रवेश की अनुमति दी जा चुकी थी। इसके बावजूद दो अन्य परिजन भी वार्ड के अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। निर्धारित नियमों के तहत अतिरिक्त लोगों को प्रवेश से रोका गया, जिसके बाद विवाद की स्थिति बन गई। डॉ. सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कराई जा रही है तथा अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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