शिवपुरी। जिले के कोलारस वन परिक्षेत्र में जंगल माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। संरक्षण खैरई उत्तर बीट (आरएफ क्रमांक 100) में 3 अगस्त की रात छापामार कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने खैर के पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे पांच आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। इस दौरान मौके से भारी मात्रा में काटी गई खैर की लकड़ी, एक बोलेरो वाहन और पेड़ काटने में इस्तेमाल होने वाली पेट्रोल चालित आरा मशीन जब्त की गई है।
ठूंठों में छिपा रखी थी लकड़ियां, वन संपदा को भारी नुकसान वन मण्डलाधिकारी सुधांशु यादव के निर्देशन और उप वनमण्डलाधिकारी आदित्य शांडिल्य के नेतृत्व में वन परिक्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह की टीम ने यह अहम कार्रवाई की। वन विभाग के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में महेंद्र यादव, अमन यादव, दीपक उर्फ दीपचंद और उनके अन्य साथी शामिल हैं। मौके की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—आरोपियों ने 33 खैर के पेड़ों को काट डाला था और शातिर तरीके से 22 पेड़ों के ठूंठों को खोखला कर उनके अंदर खैर की लकड़ियां छिपा दी थीं। इस बड़े पैमाने पर हुई अवैध कटाई से न केवल बेशकीमती वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है।
सख्त धाराओं में मामला दर्ज, आगे भी जारी रहेगा अभियान वन विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927, मध्यप्रदेश वृक्ष संरक्षण (वनेतर) नियम 2022 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। जब्त किए गए वाहन और अन्य सामग्री को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कोलारस के उप वनमण्डलाधिकारी आदित्य शांडिल्य ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सामान्य वनमंडल शिवपुरी में वन माफियाओं और अवैध कटाई के खिलाफ यह अभियान लगातार और सख्ती से जारी रहेगा। साथ ही, वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी वनों की अवैध कटाई या किसी वन अपराध की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि जिले की अमूल्य वन संपदा को नष्ट होने से बचाया जा सके।

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