- IPS ऑफिसर और रतलाम SP अमित सिंह ने आरक्षण को लेकर अपना दर्द बयां किया एक कार्यक्रम में उन्होंने आर्थिक आधार पर
पैरवी की और कहा--- आरक्षण को लेकर मुझसे 456 पीछे रैँक वाला IAS बना तो धक्का लगा मुझे 144 रैंक मिली थी जबकि मित्र की रैंक 600 थी
जो लो आरक्षण के नाम पर बार-बार आरक्षण ले रहे हैं
उनके लिए मंच से बात रखनी ही होगी ऐसे लोग जिनको वास्तव में आरक्षण की आवशकता हैं उनको ही आरक्षण मिलना चाहिए
जो लोग सक्षम है वह आरक्षण के नाम पर एडमिशन ले रहे हैं और नौकरी पा रहे हैं वास्तव में आज आरक्षण को जिन्नहित करने की आवश्यकता है। पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जनजाति को आरक्षण मिलना चाहिए।
सही मायने में 21वी शताब्दी का सामाजिक न्याय यही है।
सामाजिक न्याय को नई तरीके से परिभाषित करना चाहिए
जो आज के समय में आर्थिक रुप से टूट चुके हैं उनको भी आरक्षण मिलना चाहिए
इस तरह की भावना हमारे भारतीय प्रशासनिक अधिकारी रकते हैं तो उस समाज में बदलाव आना जरूरी है
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