शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में नया मोड़ सामने आया है। मुकदमे में नामजद आरोपी विशाल रावत के पिता ने मंगलवार को समर्थकों के साथ मंगलवार की दोपहर 1 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आवेदन सौंपा है। पिता ने आरोप लगाया है कि पुरानी रंजिश के चलते उनके नाबालिग बेटे को झूठे केस में फंसाया गया है, जबकि पुलिस का कहना है कि शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर आरोपी बालिग है।
एसपी कार्यालय पहुंचे आरोपी के पिता ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला और उसके मायके वालों से उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है। इसी रंजिश के तहत 14 जुलाई को उनके बेटे विशाल के खिलाफ दुष्कर्म सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया गया। पिता ने दावा किया कि जिस समय की घटना बताई जा रही है, उस वक्त उनका बेटा किसी अन्य स्थान पर मौजूद था। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पेन ड्राइव में संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे हैं।
आरोपी के पिता ने यह भी कहा कि उनका बेटा अभी नाबालिग है और उसे वर्तमान में पोहरी उप जेल में रखा गया है। उन्होंने मांग उठाई है कि बेटे की मानसिक स्थिति पर विपरीत असर न पड़े, इसके लिए उसे तत्काल किशोर बंदी गृह स्थानांतरित किया जाए।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा का कहना है कि आरोपी की शैक्षणिक अंकसूची (मार्कशीट) की जांच की गई है, जिसके अनुसार वह बालिग पाया गया है। पीड़िता की शिकायत और प्राथमिक तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी पक्ष द्वारा सौंपे गए पेन ड्राइव, सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बैराड़ थाना क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और ब्लैकमेलिंग की एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि विशाल पिछले दो साल से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। आरोप के मुताबिक, 24 मार्च 2026 को आरोपी ने उसके घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो खींच लिए, जिनके जरिए वह लगातार ब्लैकमेल करता रहा। 20 अप्रैल 2026 को महिला की शादी हो गई, लेकिन 12 जुलाई को जब वह अपने मायके आ रही थी, तब आरोपी ने रास्ते में रोककर मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। अब इस मामले में आरोपी पक्ष के मैदान में उतरने और तकनीकी साक्ष्य पेश करने से जांच का दायरा बढ़ गया है।

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