,ग्वालियर, । मौसम का मिजाज गुरूवार काे स्थिर रहा है, लेकिन ठंड बरकरार है। रात में आेस गिरी है आैर सुबह की कंपाने वाली ठंड रही है। जिसके कारण मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लाेगाें की संख्या कम हाे गई है। राजस्थान के ऊपर बना चक्रवातीय घेरा 22 नवंबर को शहर के मौसम को प्रभावित करेगा। बादल छाने के साथ-साथ बारिश के आसार बनेंगे।
15 नवंबर को हुई बारिश से हवा में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे दो दिन पहले तक कोहरा छा रहा था, लेकिन गुरूवार काे शहर काे काेहरे से निजात मिल गई है। गुरूवार को भी सुबह दस बजे तक सूरज दिखाई नहीं दिया, घने बादल छाए रहे। गत दिवस की तुलना में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि हुई है। हालांकि दिन भर लाेगाें काे सर्दी का अहसास सताता रहा है। ठंडी हवाएं चलने के कारण लाेगाें काे ठिठुरन का अहसास हुआ।
त्तर से पश्चिम की ओर चलने वाली हवा से तापमान में तेजी से गिरावट आती है। यह हवा जम्मू-कश्मीर से अपने साथ बर्फीली ठंडक लेकर आती है, लेकिन चक्रवातीय घेरों की वजह से उत्तर-पश्चिम की हवा नहीं चल पा रही है। हवा शांत है और तापमान बढ़ रहा है। 26 नवंबर तक कड़ाके की ठंड से राहत रहने वाली है। क्योंकि तापमान में गिरावट के आसार नहीं है।
इन तीन कारणों से बदला मौसम
अरब सागर में एक चक्रवातीय घेरा बना हुआ है। दूसरा चक्रवातीय घेरा दक्षिण पूर्वी राजस्थान के ऊपर बना हुआ है। 22 नवंबर को जम्मू-कश्मीर से पश्चिमी विक्षोभ गुजरने वाला है। अरब सागर का चक्रवातीय घेरा कम दबाव के क्षेत्र में बदलने के आसार हैं। इन तीन कारणों से मौसम में फिर से बदलाव आएगा। 22 नवंबर से गरज चमक के साथ बारिश के आसार बनेंगे।
- जहां भी चक्रवातीय घेरा विकसित होता है, वहां के तापमान में इजाफा होता है। अगर समुद्र से नमी मिल जाती है तो बारिश कराता है। राजस्थान के ऊपर बने चक्रवातीय घेरे को पश्चिम विक्षोभ व अरब सागर से नमी मिलने के आसार हैं।

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