भोपाल के जंबूरी मैदान में 15 नवंबर को होने वाले जनजातीय सम्मेलन में मंच पर दो कतार में 16 नेता मौजूद रहेंगे। इनमें से केवल तीन नेता गैर आदिवासी होंगे, जबकि बाकी 13 नेता आदिवासी रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पहली बार किसी सम्मेलन में 60 वर्ष से कम उम्र वाले प्रदेश के 9 आदिवासी नेता मंच पर एक साथ बैठेंगे।
विशेष अतिथि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की उम्र 53 वर्ष है और वे झारखंड से हैं। मंच और पंडाल में हर तरफ आदिवासी संस्कृति की झलक दिखेगी। मंच के एक हिस्से में गोंड पेटिंग बनाई है। मंच से पीएम और सीएम के अलावा सिर्फ 3 नेताओं को संबोधन का मौका मिलेगा।
ये घोषणाएं करेंगे प्रधानमंत्री
- राशन आपके द्वार योजना 89 ट्राइबल ब्लॉक में शुरू होगी।
- सिकल सेल एनीमिया बीमारी से निजात पाने के लिए मिशन प्रारंभ होगा।
- छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम राजा शंकर शाह होगा।
- मप्र औषधीय पादप और देवारण्य औषधीय पादक बोर्ड का गठन।
- सामुदायिक वन प्रबंधन का अधिकार आदिवासी समाज को दिया जाएगा।
- पंचायत PESA एक्ट नए नियमों के साथ प्रदेश में लागू होगा।
- आदिवासी विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से ही NEET और JEE मेंस की परीक्षा की तैयारी के लिए स्मार्ट क्लासेस शुरू होगी।
- प्रत्येक गांव में 4 व्यक्तियों को ग्रामीण इंजीनियर के रूप में ट्रेनिंग दी जाएगी। युवाओं को पुलिस व सेना में भर्ती के लिए ट्रेनिंग।
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