खरीफ उपार्जन के भंडारण हेतु नवीन संयुक्त भागीदारी योजना में प्रस्ताव आमंत्रित
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने बताया है कि म.प्र. वेअर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कापार्रेशन खरीफ उपार्जन में धान एवं मोटा अनाज का भंडारण के लिए निजी क्षेत्र के गोदाम के साथ संयुक्त भागीदारी योजना में भंडारण करेगा। श्री सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा उपार्जित खाद्यान्न के भंडारण के लिए वेअर हाउसिंग कार्पोरेशन नोडल एजेन्सी है। भंडारण की बढ़ती क्षमता को देखते हुए निजी गोदामों की भागीदारी को नई नीति में बढ़ावा दिया जाएगा।
निजी गोदामों को मिलेगी नुकसान से राहत
प्रमुख सचिव खाद्य श्री फैज अहमद किदवई ने नई भंडारण नीति की आवश्यकता के बारे में बताया कि प्रदेश में धान मिलिंग की सुविधा सीमित होने से धान का भंडारण लगभग 6 माह तक करना पड़ता था। इससे राज्य शासन को एक ओर जहाँ प्रतिवर्ष 240 करोड़ रूपये का वित्तीय भार वहन करना पड़ता है, वहीं धान में सूखत का प्रतिशत अधिक होता है। इससे संयुक्त भागीदारी योजना में अनुबंधित निजी गोदामों में हानि की आशंका के चलते निजी वेअर हाउस संचालक धान के भंडारण के प्रति उदासीन रहते थे। निजी गोदाम आपरेटर्स को धान भंडारण के लिए आकर्षित करने और उनका नुकसान कम करने को ध्यान में रखते हुए नई भंडारण नीति प्रतिपादित की गई है।
धान सूखत के नुकसान का दायित्व गोदाम संचालक का नहीं
प्रमुख सचिव श्री किदवई ने बताया कि नई भंडारण नीति में गोदामों का संचालन वेअर हाउसिंग निगम स्वयं अथवा अधिकृत पीएमएस एजेन्सी के माध्यम से कराएगा। अनुबंधित गोदाम संग्रहित धान/मोटा अनाज का वेज्ञानिक तरीके से रख-रखाव एवं स्कंध में कमी और आधिक्य का दायित्व निगम अथवा निगम द्वारा अनुबंधित एजेन्सी का होगा। धान और मोटा अनाज में सूखत होने की स्थिति में निजी गोदाम संचालक का कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा। उन्होंने बताया कि गोदाम संचालक को धान भंडारण से 2 माह के लिए लाइसेंसी क्षमता पर 80 प्रतिशत व्यवसायिक गारंटी दी जाएगी। इसके बाद स्कंध की मात्रा एवं अवधि के आधार पर किराया देय होगा।
इन्हें मिलेगा नई योजना का लाभ
नई भंडारण नीति का लाभ लेने के लिये वैध लायसेंस के साथ निजी गोदाम, फर्म, कंपनी एवं सहकारी संस्था अथवा अन्य संस्थाओं को उनके गोदाम को निगम के पोर्टल पर एक अक्टूबर 2022 तक पंजीयन कराना होगा। ब्लैक लिस्ट एवं पुलिस प्रकरण दर्ज गोदाम अपात्र की श्रेणी में रहेंगे। योजना में ऑनलाइन ऑफर 10 अक्टूबर 2022 को शाम 5 बजे तक निगम के पोर्टल https://mpsc.mp.nic.in/wareouse/JointVentureScheme/JointVentureSchemesApp.aspx पर दर्ज कराने होंगे। योजना की विस्तृत जानकारी निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध है

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