भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, मुरैना के सहायक निदेशक डॉ. सुनीत कुमार कटियार ने कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी में संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम.के. भार्गव के साथ ग्राम पिपरसमा रातोर में कृषकों के खेतों का भ्रमण कर टमाटर, मिर्च, चना, मटर, मसूर एवं गेहूं की फसलों में समसामयिक कीट एवं रोग प्रबंधन के समन्वित उपाय बताए।
टमाटर फसल में वर्तमान मौसम के कारण ब्लाइट रोग की आशंका को देखते हुए बीज एवं पौधों का ट्राइकोडर्मा से उपचार करने की सलाह दी गई। साथ ही गोबर की खाद में ट्राइकोडर्मा 10 ग्राम प्रति किलोग्राम की मात्रा से मिलाकर भूमि में उपयोग करने अथवा तरल ट्राइकोडर्मा का 10 लीटर प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करने की अनुशंसा की गई। जायद सीजन में लगाई जाने वाली कद्दूवर्गीय सब्जियों जैसे खीरा, ककड़ी एवं कद्दू में फलमक्खी कीट से बचाव हेतु 10 से 20 गंधप्राश फंदे प्रति एकड़ लगाने की सलाह दी गई तथा गंधप्राश तैयार करने की तकनीक की जानकारी भी प्रदान की गई। भ्रमण के दौरान प्रगतिशील कृषक अवधेश वर्मा, मांगीलाल धाकड़, पदम सिंह, गेंदालाल एवं लवकुश धाकड़ से खेतों पर चर्चा कर उनकी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

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