जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं की रोकथाम हेतु कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। आयुक्त द्वारा दिये गये निर्देशानुसार कृषि विस्तार अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकों का आयोजन कर किसानों को नरवाई न जलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इसी क्रम में गतदिवस कृषि विस्तार अधिकारी ललित पाटीदार एवं शिवदयाल मुदगल द्वारा विकासखंड पोहरी के ग्राम दिगडोली एवं खरवाया में कृषकों के साथ बैठक आयोजित की गई। वहीं कृषि विस्तार अधिकारी प्रताप गढ़वाल एवं अन्य कृषि अधिकारियों द्वारा विकासखंड नरवर के ग्राम सुलतानपुर में किसानों को नरवाई प्रबंधन की तकनीकों की जानकारी दी गई।
बैठकों में किसानों को नरवाई प्रबंधन हेतु उपयोगी कृषि यंत्रों जैसे स्ट्रॉ रीपर, रीपर कम्बाइनर, बेलर, मल्चर एवं रोटावेटर के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही नरवाई जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों जैसे पर्यावरण प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरता में कमी एवं आगजनी से संभावित जान-माल के नुकसान के बारे में भी अवगत कराया गया।
कृषि अधिकारियों द्वारा स्पष्ट रूप से बताया गया कि नरवाई जलाना दंडनीय है तथा ऐसा करने पर संबंधित कृषकों के विरुद्ध अर्थदण्ड एवं एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे नरवाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहयोग करें।

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