जिले के ग्रामीण अंचलों में प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 'जल जीवन मिशन' के कार्यों की समीक्षा हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा म.प्र. जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही समूह एवं एकल नल-जल योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'हर घर जल' शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता की योजना है। अतः इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, गुणवत्ताहीन कार्य या अनावश्यक देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।504 एकल नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षासमीक्षा बैठक में पीएचई विभाग द्वारा संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिले में स्वीकृत कुल 504 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 3,22,711 नल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 1,75,061 परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इनमें से 338 योजनाओं में कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कलेक्टर श्री वर्मा ने शेष योजनाओं के कार्यों में तेजी लाते हुए शत-प्रतिशत कनेक्शन कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।जल निगम के कार्यों में देरी पर ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देशबैठक में म.प्र. जल निगम द्वारा संचालित समूह पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर श्री वर्मा ने कार्य में अनावश्यक विलंब एवं लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश जल निगम के अधिकारियों को दिए।पाइपलाइन की गहराई व गुणवत्ता मानकों की होगी जांच, एसडीएम पोहरी को दिए निर्देशसमीक्षा के दौरान एसडीएम पोहरी को भी निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के कार्य में तय मानकों एवं नियमानुसार निर्धारित गहराई का पालन न किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने एसडीएम पोहरी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे मैदानी स्तर पर स्थलों का निरीक्षण कर लाइन बिछाने की गहराई तथा निर्माण गुणवत्ता की सूक्ष्मता से जांच करें और यह सुनिश्चित कराएं कि संपूर्ण कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपादित हो।अंतर-विभागीय समन्वय और एसडीएम द्वारा मॉनिटरिंग के निर्देशबैठक में अन्य विभागों के निर्माण कार्यों के कारण पेयजल लाइन बाधित होने की समस्या पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने जल संसाधन विभाग, बीएसएनएल एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने की सख्त हिदायत दी, ताकि किसी भी विभाग के निर्माण कार्य से जल जीवन मिशन का काम प्रभावित न हो। साथ ही, उन्होंने संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए कि वे मैदानी स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें और अंतर-विभागीय बाधाओं को तत्काल दूर कराकर कार्य को गति प्रदान करें।540 गांवों में समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देशकलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि 540 गांवों में जारी पेयजल योजनाओं के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण कराकर जलापूर्ति प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को शीघ्रता से नल से शुद्ध पेयजल की निर्बाध सुविधा प्राप्त हो सके।बैठक में पीएचई के कार्यपालन यंत्री, जल निगम के अधिकारी तथा संबंधित क्षेत्रों के अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

0 टिप्पणियाँ