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Shivpuri news : शिवपुरी के ओडीओपी में मूंगफली, टमाटर और माधव टाइगर रिजर्व पर्यटन क्षेत्र होंगे शामिल

 



जिले के स्थानीय उत्पादों को एक पहचान दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश में एक जिला एक उत्पाद योजना लाई गई है। शिवपुरी में बदरवास जैकेट को एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया है।गतदिवस अपर कलेक्टर श्री दिनेश चंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्यानिकी, कृषि, वन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, पर्यटन, मत्स्य, पशुपालन और खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में शिवपुरी जिले के लिए अतिरिक्त एक जिला एक  उत्पाद की पहचान और चयन पर विस्तार से चर्चा की गई।ओडीओपी क्या है और इससे क्यों मिलता है फायदाओडीओपी यानी "एक जिला एक उत्पाद" एक महत्वपूर्ण योजना है जिसके तहत हर जिले के खास उत्पाद को चुनकर उसे बड़े बाजार तक पहुंचाया जाता है। इस योजना से स्थानीय उत्पादकों, किसानों और कारीगरों को सीधा फायदा होता है। उन्हें सरकारी मदद, बाजार, प्रशिक्षण और ब्रांडिंग की सुविधा मिलती है जिससे उनकी आमदनी बढ़ती है और रोजगार के नए मौके पैदा होते हैं।बदरवास जैकेट पहले से है ओडीओपी में शामिलशिवपुरी जिले की बदरवास जैकेट पहले से ही ओडीओपी में चयनित है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। इस जैकेट की अपनी खास बनावट और डिजाइन है जो इसे देश के अन्य उत्पादों से अलग बनाती है।मूंगफली और टमाटर को मिलेगी नई पहचानबैठक में कृषि विभाग की ओर से मूंगफली और उद्यानिकी विभाग की ओर से टमाटर को अतिरिक्त ओडीओपी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया जिसे सभी विभागों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। शिवपुरी जिले के करेरा, पिछोर, खनियाधाना और नरवर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मूंगफली की खेती होती है। इसी तरह शिवपुरी, कोलारस और पोहरी क्षेत्र में टमाटर का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। ओडीओपी में शामिल होने से इन दोनों फसलों के किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, उनकी उपज की ब्रांडिंग होगी और आमदनी में बढ़ोतरी होगी। साथ ही प्रसंस्करण इकाइयां लगने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।माधव टाइगर रिजर्व से मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचानबैठक में पर्यटन विभाग की ओर से माधव टाइगर रिजर्व को ओडीओपी में शामिल कराने का प्रस्ताव रखा गया जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। माधव नेशनल पार्क शिवपुरी की पहचान है। यहां टाइगर पुनर्स्थापन के बाद इसे टाइगर रिजर्व भी घोषित किया गया है और यहां चीतल, सांभर, तेंदुआ, भालू सहित अनेक वन्य प्राणी पाए जाते हैं। ओडीओपी में शामिल होने से इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे। इससे शिवपुरी को देश-विदेश में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।इस प्रकार शिवपुरी जिले में अब बदरवास जैकेट के साथ-साथ मूंगफली, टमाटर और माधव टाइगर रिजर्व भी ओडीओपी में शामिल होंगे। इन उत्पादों के प्रस्ताव प्रदेश के नोडल विभाग एमपीआईडीसी को भेजे गए हैं।

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