Music

BRACKING

Loading...

Shivpuri News : शिवपुरी में ‘मगरमच्छ राज’: वन विभाग सो रहा, अब क्या रेस्क्यू के लिए भी कलेक्टर साहब को ही जाना पड़ेगा?

 अशोक विहार कॉलोनी में सड़कों पर खुलेआम घूम रहा मगरमच्छ -  महीनों से खौफ में जी रहे लोगहादसे का इंतजार कर रहेजिम्मेदार ! 

शिवपुरी। तालाबों और नालों से निकलकर रिहायशी इलाकों में मगरमच्छों का पहुंचना शिवपुरी शहर के लिए अब कोई नई बात नहीं रह गई है। लेकिन हद तो तब हो जाती है जब महीनों तक मगरमच्छ किसी घनी आबादी वाली कॉलोनी को अपना ‘परमानेंट ठिकाना’ बना ले और जिम्मेदार महकमा कान में तेल डालकर सोया रहे।

ताजा मामला फिजिकल थाना क्षेत्र का 

अशोक विहार कॉलोनी का है, जहाँ पिछले कई महीनों से एक खूंखार मगरमच्छ का डेरा है। कॉलोनी में दो मोबाइल टॉवर के पास स्थित पानी से भरे खाली प्लॉट को उसने अपना आशियाना बना लिया है। अब स्थिति यह हो गई है कि आम इंसान को सड़क पर चैन से चलने के लिए भी अपनी जान हथेली पर रखनी पड़ रही है।

दिन में प्लॉट में आराम, रात होते ही सड़कों पर ‘मगरमच्छ की गश्त’

कॉलोनीवासियों के मुताबिक, मगरमच्छ सिर्फ पानी में रहने तक सीमित नहीं है। जैसे ही शाम ढलती है, वह प्लॉट से निकलकर बेधड़क होकर कॉलोनी की मुख्य सड़कों पर गश्त करने लगता है। कई बार राहगीरों और वाहन चालकों ने उसे सड़क पार करते देखा है।

इस डर के साए में अशोक विहार के लोगों की रात की नींद और दिन का चैन हराम हो चुका है। शाम होते ही लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा दहशत छोटे बच्चों, स्कूल जाने वाले छात्रों और सुबह-शाम टहलने वाले बुजुर्गों को लेकर बनी हुई है। दोपहिया वाहन चालकों के मन में भी हर वक्त डर बना रहता है कि कब सामने से काल बनकर मगरमच्छ आ जाए।

सिस्टम का ढीला रवैया - क्या मगरमच्छ पकड़ने भी अब सीधे डीएम को जाना पड़ेगा?

यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं है; रहवासी महीनों से वन विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। दर्जनों बार लिखित और मौखिक सूचना देने के बावजूद वन विभाग की नींद नहीं टूटी।

शिवपुरी में वन विभाग का रवैया देखकर अब आम जनता यह पूछने पर मजबूर हो गई है कि क्या अब एक मगरमच्छ को पकड़ने जैसे बेसिक काम के लिए भी जिला कलेक्टर को ही मौके पर जाना पड़ेगा? जिस काम को वन विभाग को तुरंत संज्ञान लेकर घंटों में निपटा देना चाहिए था, उसके लिए जनता को कलेक्टर की चौखट पर जाकर गुहार लगानी पड़ रही है। क्या प्रशासन किसी मासूम के इस मगरमच्छ का निवाला बनने का इंतजार कर रहा है?

कलेक्टर से गुहार: अब तो दिलाओ खौफ से मुक्ति!

आक्रोशित और भयभीत कॉलोनीवासियों ने अब सीधे जिला कलेक्टर से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों ने अपील की है कि वन विभाग की सुस्त टीम को कड़े निर्देश देकर जल्द से जल्द मगरमच्छ का रेस्क्यू कराया जाए और इस रिहायशी इलाके को भयमुक्त किया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को होने से पहले रोका जा सके। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ