शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शनिवार को मजदूरी करने गई बच्चियों के साथ बर्दखेड़ी स्थित एक फार्म हाउस पर विवाद के बाद कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई। घटना में कई बच्चियां घायल हुई। मामले में सतनवाड़ा पुलिस ने एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बारां गांव की आदिवासी बस्ती से एक दर्जन से अधिक नाबालिग बच्चियों को शंकर जाटव ऑटो से मजदूरी कराने के लिए बर्दखेड़ी स्थित नवीन के फार्म हाउस पर लेकर गया था। वहां पहले से बामौरकलां क्षेत्र की महिला मजदूर भी काम कर रही थीं। इसी दौरान काम के बीच फावड़ा मांगने की बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
बताया जा रहा है कि मामूली विवाद कुछ ही देर में मारपीट में बदल गया। आरोप है कि बामौरकलां से आई मजदूरों ने नाबालिग बच्चियों को घेर लिया और उनके साथ लात-घूंसों व हाथों से मारपीट की। इस दौरान कई बच्चियां घायल हो गईं।
घटना के बाद डरी-सहमी बच्चियां अपने गांव पहुंचीं और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद आदिवासी बस्ती के लोगों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर सहरिया क्रांति के संयोजक संजय बेचैन अपने साथियों के साथ सतनवाड़ा थाना पहुंचे और पीड़ित बच्चियों व उनके परिजनों के साथ शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 95/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 351(2) और 3(5) के तहत एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
सतनवाड़ा थाना प्रभारी भोलाराम पुरोहित ने बताया कि मजदूरों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। पुलिस ने एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है तथा मामले की विवेचना जारी है।
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