SC-ST ACT के विरोध में एकत्रित हुए जागरूक युवा, समाज को टूटने से बचाने के लिए करेंगे संघर्ष।
कहाँ जनप्रीतिनिधिओं ने साथ नहीं दिया तो होगा उनका भी बहिष्कार।
शिवपुरी- आज शिवपुरी शहर के जागरूक युवाओं की एक बैठक SC-ST ACT के काले कानून के विरोध को लेकरहोटल सुख सागर, टूरिस्ट वेलकम सेंटर पर आयोजित हुई जिसमें निरन्तर बारिश के बाबजूद भी आधा सैकड़ा से अधिक जागरूक युवा शक्ति व वरिष्ठजन उपस्थित हुए। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि इस एक्ट में जो संशोधन हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किया गया है वह समाज में अराजकता को जन्म देगा ये काला कानून अनुसूचित जाति एवं जनजातियों को समाज से तोड़ने का काम करेगा। इस एक्ट के डर से लोग अनुसूचित जाति एवं जनजाती के लोगों से किसी भी तरह का व्यवहार करने से डरेंगे। इस लिए युवाओं द्वारा इस एक्ट के पुर जोर विरोध किया जाएगा। एवं इसके संशोधित प्रारूप को खत्म करने के लिए हर स्थिति का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए एक "सर्वजन युवाशक्ती मोर्चा" नाम से मोर्चे के गठन किया गया जो इस एक्ट के संशोधित प्रारूप एवं आरक्षण खत्म करने के लिए विरोध प्रदर्शन, आंदोलन आदि दायित्वों का निर्वाह करेगा। समाज के सभी वर्ग जो भारतीय समाज का हिस्सा हैं इस मोर्चे में हिस्सेदारी कर इस एक्ट का पुरजोर विरोध करेंगे।
बैठक में युवाओ के मन मे दवा हुआ असंतोष सामने आया।युवाओ का कहना था कि देश की संसद में यह काला कानून लागू होता रहा ओर हमारे द्वारा निर्वाचित सांसद एवं मंत्री धृतराष्ट्र की तरह आखों पर पट्टी बांधकर बैठे रहे। बैठक में सर्व सम्मति से यह भी पारित हुआ कि इस अभियान से अधिक से अधिक लोगो को जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस एक्ट के विरोध में काली पट्टी बांधी जाएगी। इसके अलावा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, विधायको, सांसदों, मंत्रियों को भी जनता के समर्थन में आकर इस एक्ट के विरोध में आने व सरकार तक अपनी बात पहुचाने हेतु ज्ञापन सोपा जाएगा। यदि जनप्रतिनिधि ऐसा नही करते तो भले वे किसी भी दल से हो उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा। जब तक इस एक्ट में संशोधन नहीं किया जाता तब तक जनप्रीतिनिधिओं का घेराव जारी रहेगा। इसी के साथ बैठक में इस आंदोलन को क्रमबद्ध चलाने की रणनीति पर भी विचार हुआ। इस बैठक के दौरान युवा वर्ग बहुत ही आक्रोशित दिखा युवाओं ने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकाश की बात करती है और समानता का मौलिक अधिकार लागू करने पर विचार भी नहीं करती अपितु अंग्रेजों की नीति पर चलकर इस तरह के एक्ट पास कर समाज को तोड़ने का काम कर रही है।
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