भटनावर पुलिस पर राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपियों के नाम FIR से हटाने का गंभीर आरोप, न्याय के लिए एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता।
शिवपुरी।जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के ग्राम दुल्हारा से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को बेरहमी से पीटा गया और उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। क्रूरता की हदें पार करते हुए तमाशबीन बने पति ने अपने ही ढाई साल के मासूम बच्चे को उठाकर जमीन पर फेंक दिया। जब पीड़िता का परिवार उसे बचाने पहुंचा, तो उन पर भी हमला कर गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। पीड़िता ने स्थानीय भटनावर पुलिस चौकी पर राजनीतिक सांठगांठ के चलते मुख्य आरोपियों के नाम एफआईआर से गायब करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को शिवपुरी एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
### शादी के बाद से ही मिल रही थीं यातनाएं
ग्वालियर जिले के मोहना की रहने वाली पीड़िता रवीना धाकड़ ने बताया कि उसकी शादी 1 मई 2023 को ग्राम दुल्हारा (पोहरी) निवासी जीतू धाकड़ के साथ हुई थी। विवाह के समय मायके पक्ष ने अपनी हैसियत के अनुसार सोने-चांदी के जेवर, गृहस्थी का सामान और नगदी दी थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही पति जीतू, सास सुशीला, ससुर अनेकसिंह और देवर कार्तिक धाकड़ उसे मायके से और पैसे लाने के लिए प्रताड़ित करने लगे। बेटी का घर बचाने के लिए पिता रामलखन धाकड़ ने दो बार में 1 लाख रुपए दिए भी, लेकिन ससुराल वालों की भूख शांत नहीं हुई। अब आरोपी ट्रैक्टर का सामान और थ्रेसर खरीदने के लिए 5 लाख रुपए की नई मांग कर रहे थे, जिसका विरोध करने पर रवीना को यातनाएं दी जाने लगीं।
18-19 जून को पार हुईं क्रूरता की हदें
पीड़िता के अनुसार, बीते 18-19 जून की सुबह करीब 8-9 बजे पति, सास, ससुर और देवर ने मिलकर उसे बुरी तरह पीटा और गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया, जिससे उसके गले पर नाखूनों के गहरे निशान बन गए। इस दौरान बेरहम पति ने अपने ढाई साल के मासूम बच्चे को भी जमीन पर पटक दिया। सूचना मिलने पर जब रवीना के माता-पिता और भाई उसे बचाने ससुराल पहुंचे, तो दबंग ससुराल पक्ष ने उन पर भी धारदार चाबी से हमला करने की कोशिश की और उनकी कार पर पत्थर बरसाकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़िता के पास इस पूरी हैवानियत का वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद है।
पुलिस पर सांठगांठ और मुख्य आरोपियों को बचाने का आरोप
रवीना धाकड़ ने भटनावर पुलिस चौकी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब वह लहूलुहान हालत में शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो पुलिस ने उसे 4 घंटे तक बैठाए रखा। इस दौरान ससुर और देवर ने राजनीतिक रसूखदारों के साथ मिलकर पुलिस से सांठगांठ कर ली। इसके चलते पुलिस ने एफआईआर में केवल पति और सास पर मामूली धाराएं लगाईं, जबकि मुख्य साजिशकर्ता ससुर अनेकसिंह और देवर कार्तिक का नाम केस से गायब कर दिया।
केस वापस न लेने पर मिल रही जान से मारने की धमकी
एसपी को सौंपे शिकायती पत्र में रवीना ने बताया कि एफआईआर से नाम हटने के बाद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। अब वे पीड़िता और उसके पूरे मायके पक्ष को केस वापस न लेने पर जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने एसपी से मामले में निष्पक्ष जांच कर एफआईआर में ससुर और देवर के नाम जोड़ने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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