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जिला परिवहन कार्यालय की सुविधा शुल्क की नई रेट लिस्ट जारी*

*जिला परिवहन कार्यालय की सुविधा शुल्क की नई रेट लिस्ट जारी*

*ज़िला परिवहन अधिकारी ने जारी की रेट लिस्ट* 

*शिवपुरी*-अभी कुछ दिन पूर्व ही परिवहन अधिकारी ने ज़िले में आमद दर्ज की है और विश्वत सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि उनके द्वारा आते ही विभाग के द्वारा किये जाने वाले काम की सुविधा शुल्क की नई रेट लिस्ट जारी कर दी है।

*जो रेट लिस्ट जारी की गई है* 

लर्निग लाइसेंस 200 रुपये, हैवी लाइसेंस 1000 रुपये, अदर स्टेट हैवी ट्रांसफर 5000 रुपये, लाइट मोटर व्हीकल ट्रांसफर 500 रुपये,अदर आरटीओ एनओसी लाइट मोटर व्हीकल ट्रांसफर 700 रुपये, लाइट मोटर व्हीकल 6+1 700 रुपये, अदर स्टेट लाइट मोटर व्हीकल ट्रांसफर एनओसी 1000 रुपये, हाई फायनेंस दर्ज एवं निरस्त 500 रुपये,ग्रोस व्हीकल हैवी 950 फिटनैस 1500 रुपये, लोडिंग वाहन ट्रांसफर 700 रुपये, बाइक 200 रुपये, एनओसी बाइक राज्य के भीतर ही 300 रुपये, अदर आरटीओ फिटनिस (भरी गाड़ी) 2000 रुपये (किन्तु परिवहन विभाग के नियमानुसार किसी भी भरी हुई गाड़ी की फिटनिस नहीं की जा सकती है) फिटनिस (भरी गाड़ी) राज्य के भीतर की 1000 रुपये, (किन्तु परिवहन विभाग के नियमानुसार किसी भी भरी हुई गाड़ी की फिटनिस नहीं की जा सकती है) केयर ऑफ एचजीव्ही ट्रांसफर 2000 रुपये  (किन्तु परिवहन विभाग के नियमानुसार केयर ऑफ पते पर कोई भी वाहन ट्रांसफर नहीं की जा सकती है) 

*कार्यालय में दलाल सक्रिय*

जिला परिवहन कार्यालय में लगभग 3 दर्जन से भी अधिक दलाल (जिनको इनके द्वारा प्राइवेट सलाहकार भी कहा जाता हैं) सक्रिय है और इनके द्वारा लाये गए सभी कार्य आसानी से हो जाते है और कोई आम नागरिक बिना दलालों के काम कराने जाता है तो वह केवल चक्कर ही काटता रहता है अंत में उसे थक हार कर इन सलाहकारों से काम कराने को मजबूर होना पड़ता है। दलालों द्वारा जो फ़ाइल काम के लिए भेजी जाती है उस फ़ाइल पर उस दलाल का नाम अंकित होता है वह इनका कोडवर्ड भी होता है और वह फ़ाइल तत्काल निपटा भी दी जाती है।

*प्राइवेट लोगों से कराया जा रहा है काम*

वही अधिकारी द्वारा परिवहन कार्यालय में दो प्राइवेट लोगों से काम कराया जा रहा है एक को तो वह मुरैना से अपने साथ लेकर आये है और दूसरा यही शिवपुरी का एक दलाल है ये दोनों अधिकारी का पूरा काम देखते है और एक को तो ऑफिस में अलग से एक केबिन भी दिया गया है,जोकि नियम विरूद्ध है।

*अधिकारी महोदया नहीं बैठती ऑफिस में*

जब स्थाई लाइसेंस के लिए सेकिंड फ़ोटो खीचा जाता हैं तब अधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक होते है परिवर्तन नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन पत्र पर समय भी अंकित होता है लेकिन अधिकारी महोदया का ऑफिस में बैठने का कोई समय निर्धारित नहीं होने से जो आवेदक आवेदन लेकर आता है वह परेशान होकर लौट जाता है और दलालों के काम जो प्राइवेट लोग बिठाये गए है उनके द्वारा कराया जा रहा है।

*मुरैना में भी ऑफिस में नहीं बैठती थी अधिकारी महोदया*

सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि अधिकारी महोदया मुरैना के कार्यालय में भी नहीं बैठती थी जो भी फ़ाइल का काम होता था वह इनके द्वारा ग्वालियर फ़ाइल मँगाकर ही किया जाता था। बताया ये भी जा रहा है कि इनका मुरैना का भी कार्यकाल विवादित रहा था और इन पर किन्ही कारणों से गाज भी गिर चुकी है।

✍🏻 *के.के.दुबे* ✍🏻

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