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वर्ष के प्रारंभ में ही प्रकरणों का निपटारा कर कटुता समाप्त करें - जिला जज श्रीमती सुनीता यादव नेशनल लोक अदालत में 297 प्रकरणों का निराकरण, 1 करोड़ 36 लाख के अवार्ड पारित

मोनू साहू
वर्ष के प्रारंभ में ही प्रकरणों का निपटारा कर कटुता समाप्त करें - जिला जज श्रीमती सुनीता यादव 
नेशनल लोक अदालत में 297 प्रकरणों का निराकरण, 1 करोड़ 36 लाख के अवार्ड पारित 

दतिया | 09-मार्च-2019  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय दतिया में सम्पन्न हुआ। लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती सुनीता यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्री डीके श्रीवास्तव, एडीजे श्री विजय शर्मा व श्री डीके खटीक, प्रधान न्यायाधीश श्री केके शर्मा, सीजेएम श्री चंद्रशेखर जायसवाल, कुटुम्ब न्यायालय श्री केके शर्मा के अलावा न्यायिक सेवा में श्रीमती रेखा मरकार, श्रीमती मीनाक्षी, प्रीति अग्रवाल, गुंजन शर्मा तथा अन्य न्यायाधीशगण, जिला वार एसोएशिन के उपाध्यक्ष श्री मुकेश गुप्ता के अलावा एडवोकेट सर्वश्री श्रीराम शर्मा, गिर्राजशरण शुक्ला, टीएन चतुर्वेदी, सीताराम गुप्ता, देवेन्द्र श्रीवास्तव, श्रीमती सुशीला त्रिपाठी, प्रीतम बाबू मित्रा आदि उपस्थित रहे।
    जिला सत्र न्यायाधीश श्रीमती सुनीता यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्ष 2019 की पहली लोक अदालत है। इसमें अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण कर वर्ष के प्रारंभ में ही पक्षकारों में कटुता समाप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समझौते से प्रकरणों के निराकरण में खुशहाली आती है। मान्नीय उच्चतम न्यायालय द्वारा भी हॉल ही में एक प्रकरण में मध्यस्ता का निर्णय लिया है। विशेष न्यायाधीश श्री डीके श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से पक्षकारों के विवादों का स्थाई निराकरण होता है और उनमें सौहार्द रहता है। एडवोकेट श्रीराम शर्मा ने कहा कि महाभारत काल में महत्वपूर्ण निर्णयों में मध्यस्ता होती थी। युद्ध के पहले कौरव, पाण्ड़वों में श्री कृष्ण ने मध्यस्ता की थी। श्री सीताराम गुप्ता, श्री मुकेश गुप्ता आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अंकिता शांडिल्य ने किया। नेशनल लोक अदालत में 262 प्रकरणों का निराकरण तथा 1 करोड़ 36 लाख 20 हजार 304 रूपये के अवार्ड पारित किए गए। इसी प्रकार प्रीलीटीगेशन के 35 प्रकरणों को मिलाकर कुल 297 प्रकरणों का निराकरण हुआ। 15 परिवार साथ रहने को राजी हुए। तीन जोड़ों को राजीनामा कराकर खुशी-खुशी घर भेजा। कार्यक्रम के अंत में एडेजी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। 

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