
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
चुनाव आयोग ने बिहार, ओडिशा और गुजरात की राज्यसभा की छह खाली सीटों के लिए उप-चुनाव की तारीख का एलान कर दिया है। इन सभी सीटों पर 5 जुलाई को मतदान होगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद गुजरात से खाली हुई राज्यसभा की दो सीटें भी इसमें शामिल हैं। इसके अलावा बिहार से रविशंकर प्रसाद की सीट भी खाली हुई है।
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बिहार से रविशंकर प्रसाद, गुजरात से अमित शाह, स्मृति ईरानी और ओडिशा से बीजद के अच्युतानंद सामांत लोकसभा के सदस्य चुने गए हैं। जबकि ओडिशा से ही राज्यसभा सदस्य प्रताप केशरी देब के विधानसभा सदस्य चुने जाने तथा सौम्य रंजन पटनायक के इस्तीफे की वजह से ये सीटों खाली हुई हैं।
इन सीटों पर उपचुनाव के लिए 18 जून को अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत होगी। उम्मीदवारी के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 25 जून होगी और 26 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 28 जून तय की गइ है और पांच जुलाई को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद शाम पांच बजे मतगणना होगी।
उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में शाह और ईरानी का कार्यकाल 18 अगस्त 2023 तक तथा प्रसाद का कार्यकाल दो अप्रैल 2024 तक था। वहीं पिछले साल अप्रैल में बीजद के राज्यसभा सदस्य बने पटनायक ने गत छह जून को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ‘हमारे पास ऐसी जानकारी है कि गुजरात में राज्यसभा सीटों के लिए अलग अलग तारीख पर चुनाव कराया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह असंवैधानिक होगा। ऐसा करने का साफ मकसद यह रहेगा कि सत्तारूढ़ पार्टी दोनों सीटें जीत लें। तब
सिंघवी ने कहा था कि ‘हम यह नहीं कह रहे हैं कि चुनाव एक साथ होने जा रहा हैं लेकिन यह हमारी आशंका है, जिसे हम मीडिया के माध्यम से चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं।’ इस तरह की स्थिति में पहले भी हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में एक साथ चुनाव हुए हैं।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित छह राज्यसभा सदस्यों के हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने के कारण उच्च सदन की रिक्त हुई छह सीटों के लिए उपचुनाव पांच जुलाई को होगा। निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को जारी चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक बिहार, ओडिशा और गुजरात से रिक्त हुयी छह सीटों पर उपचुनाव होगा। इनमें से बिहार से एक, गुजरात से दो और ओडिशा से तीन सीट रिक्त हुई हैं।
बिहार से रविशंकर प्रसाद, गुजरात से अमित शाह, स्मृति ईरानी और ओडिशा से बीजद के अच्युतानंद सामांत लोकसभा के सदस्य चुने गए हैं। जबकि ओडिशा से ही राज्यसभा सदस्य प्रताप केशरी देब के विधानसभा सदस्य चुने जाने तथा सौम्य रंजन पटनायक के इस्तीफे की वजह से ये सीटों खाली हुई हैं।
इन सीटों पर उपचुनाव के लिए 18 जून को अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत होगी। उम्मीदवारी के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 25 जून होगी और 26 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 28 जून तय की गइ है और पांच जुलाई को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद शाम पांच बजे मतगणना होगी।
उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में शाह और ईरानी का कार्यकाल 18 अगस्त 2023 तक तथा प्रसाद का कार्यकाल दो अप्रैल 2024 तक था। वहीं पिछले साल अप्रैल में बीजद के राज्यसभा सदस्य बने पटनायक ने गत छह जून को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस का एतराज
याद दिला दें कि कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस ने चुनाव आयोग से सभी सीटों पर एक साथ चुनाव करने की मांग की थी। कांग्रेस को अंदेशा है कि गुजरात की दोनों सीटों पर भाजपा अपने फायदे के लिए अलग अलग तारीख में चुनाव कराना चाहती है। गौरतलब है कि इस लोकसभा चुनाव में शाह गुजरात की गांधीनगर सीट और ईरानी उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से निर्वाचित हुई हैं। दोनों गुजरात से राज्यसभा सदस्य थे।कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ‘हमारे पास ऐसी जानकारी है कि गुजरात में राज्यसभा सीटों के लिए अलग अलग तारीख पर चुनाव कराया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह असंवैधानिक होगा। ऐसा करने का साफ मकसद यह रहेगा कि सत्तारूढ़ पार्टी दोनों सीटें जीत लें। तब
सिंघवी ने कहा था कि ‘हम यह नहीं कह रहे हैं कि चुनाव एक साथ होने जा रहा हैं लेकिन यह हमारी आशंका है, जिसे हम मीडिया के माध्यम से चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं।’ इस तरह की स्थिति में पहले भी हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में एक साथ चुनाव हुए हैं।
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