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शिवपुरी : सिद्धेश्वर बाणगंगा मेले झूलो को लेकर विवाद


सिद्धेश्वर बाणगंगा मेले को लेकर नगर पालिका और ठेकेदार आमने-सामने हैं। रविवार को जब ठेकेदार नगर पालिका अमले के साथ सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड पहुंचा तो यहां दूसरे ठेकेदार ने पहले से झूले लगा रखे थे, जिन्हें हटाने से उसने मना कर दिया।

 इस पर सीएमओ और प्रशासन की ओर से पहुंचे तहसीलदार ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि 24 घंटे का अल्टीमेटम आपको दिया जाता है। यदि से यहां से झूले नहीं हटे तो फिर हमें पुलिस कार्रवाई करने मजबूर होना पड़ेगा। इसके बाद भी देर शाम तक ठेकेदार ने सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड से झूले नहीं हटाए।

अब तक नगर पालिका परिषद द्वारा सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड में जो मेले का आयोजन किया जाता था। उसमें नगर पालिका को ही सारी व्यवस्थाएं देनी होती थी और आमदनी महज 2 लाख रुपए की होती थी। जबकि विभिन्न कार्यक्रमों पर खर्च अधिक होता था। इसलिए इस बार मेले ठेके को लेकर नगर पालिका सीएमओ शैलेश अवस्थी ने ऑनलाइन टेंडर के आधार पर जारी करने की प्रक्रिया की, जिसके तहत मेला ग्राउंड में मेला लगाने के लिए चार ठेकेदारों ने अपनी बोलियां लगाई।

इसमें सर्वाधिक बोली 18 लाख की जिस ठेकेदार की थी उसे मेले का टेंडर मिल गया। जबकि 10.50 लाख की बोली लगाने वाले ठेकेदार को अवसर नहीं मिला। बताया जाता है कि जिसे ठेका नहीं मिला उसने इस पूरी पद्धति को गलत बताया और कहा कि इस पूरी प्रक्रिया पर मुझे आपत्ति है।

आप इसे निरस्त करें, जिस पर सीएमओ बोले कि यदि आपको आपत्ति है, तो समय पर आपको इस संबंध में शिकायत करनी थी और अभी भी आप अपनी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक कर सकते हैं। लेकिन आपको सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड से अपने झूले को हटाने होंगे। ठेकेदार ने इसके लिए जब मना किया तो उसे 24 घंटे का अल्टीमेटम थमा कर सीएमओ शैलेश अवस्थी और तहसीलदार सहित पीओ डूडा महावीर जैन मौके पर पहुंचे और 24 घंटे में वहां से अतिक्रमण हटाने पर पुलिस कार्रवाई करने की हिदायत दी।

असल में पहली बार नगर पालिका को 18 लाख की होगी आमदनी
नगर पालिका में पहली बार ऑनलाइन ठेका पद्धति से बिट के जरिए मेला लगाया जा रहा है।इसमें सभी व्यवस्थाएं ठेकेदार को ही करनी है। जिसमें लाइट, टेंट, दुकान आवंटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं की सारी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। और नगरपालिका को सीधे 18 लाख रुपए की बचत इस मेले से होगी। इस वजह से नगर पालिका प्रशासन अब इस मेले की तैयारियां में जुट गया है, और वह स्वीकृत ठेकेदार के टेंडर पर उसे मेला लगवाने के लिए प्रयासरत है।

नियमों की अनदेखी पर ठेकेदार काे नोटिस देकर चेतावनी दी है
पहली बार ऑनलाइन टेंडर दिए हैं। नगर पालिका ने इसके लिए ₹10 लाख की राशि न्यूनतम रखी थी। जिसमें चार टेंडर लगे और 18 लाख की बोली लगाने वाले ठेकेदार को इसे दे दिया गया। अब यहां पर जिसने 10.50 लाख रुपए की बोली लगाई थी, वह ठेकेदार सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड में झूले लगाए हुए हैं जो गलत है। इसलिए उसे 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यदि उसने नहीं हटाया तो हम पुलिसिया कार्रवाई सोमवार को करेंगे।
शैलेश अवस्थी, सीएमओ नगर पालिका शिवपुरी

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