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शिवपुरी : ग्रामीण फिर मांग रहे प्रति सदस्य 15 लाख रु



 बाघ पुनर्वास से पहले नेशनल पार्क द्वारा अधिग्रहित पांच गांवों को खाली कराने की कवायद तेज हो गई है। जिन परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, उनकी सूची बनाकर मुआवजा वितरण की प्रकिया प्रारंभ कर दी है। लेकिन पहले ही मुआवजा ले चुके ग्रामीण भी आगे आने लगे हैं। प्रति सदस्य 15 लाख रु. की मांग कर रहे हैं। इसी के चलते पहले लखनगवां और अब हरनगर गांव की ग्रामसभा स्थगित हो गई है। हालांकि चकडोंगर और मामौनी गांव की ग्राम सभाएं हो चुकी हैं। यहां अधिकतर लोग पंद्रह लाख रु. प्रति वयस्क सदस्य मुआवजा लेने तैयार हैं।

जबकि कुछ लोगों ने सोच-विचार की बात कहकर आपत्ति दर्ज कराई है। माधव नेशनल पार्क शिवपुरी द्वारा सोमवार को लखनगवां और चकडोंगर गांव में ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। लखनगवां में काफी लोग आ गए जो पहले ही मुआवजा ले चुके हैं। साथ ही ऐसे परिवार जिनकी मामूली भूमि अथवा सिर्फ मकान थे, उन्हें बहुत ही मामूली मुआवजा मिला था। संबंधित लोग वर्तमान गाइड लाइन के आधार पर मुआवजा मांगने लगे। लखनगवां में ग्रामसभा की बैठक में हस्ताक्षर नहीं किए और ग्राम सभा स्थगित हो गई। हालांकि चकडोंगर में ग्रामसभा में सभी लिखित सहमति व असहमति ले ली। दूसरे दिन हरनगर और मामौनी में ग्राम सभाएं रखी गईं।

लखनगवां की तरह ही हरनगर में हालात बने और ग्रामसभा स्थगित करनी पड़ी। जबकि मामौनी में ग्राम सभा के दौरान सभी ने एक-एक करके अपनी सहमति दर्ज कराई। तीन-चार लोगों ने सोचने का समय देने की कहकर असहमति जता दी है। लखनगवां व हर नगर में ग्रामीणों ने कोरम पूरा नहीं होने दिया, जिससे ग्रामसभा स्थगित रही। इन दोनों गांवों में अलग से ग्रामसभाएं आयोजित करनी पडेंगी। लेकिन इस प्रक्रिया में लंबा समय लगने की बात कही जा रही है। अर्जुनगवां गांव में बुधवार को ग्रामसभा रखी गई है।

टाइगर लाने का शिड्यूल जारी होने से प्रक्रिया में तेजी
नेशनल पार्क में 15 जनवरी 2023 के आसपास बाघ लाना लगभग तय हो गया है। इसका विधिवत शिड्यूल भी जारी हो चुका है। ऐसे में सारी प्रक्रिया तेज हो गईं। पांचों गांवों के शेष परिवारों को हर हाल में मुआवजा देकर अधिकारी गांव खाली कराने चाहते हैं। ग्रामसभा में उन ग्रामीण परिवारों की मांग भी शासन को भेजी जाएगी जो मुआवजा ले चुके हैं और वर्तमान गाइड लाइन अनुसार 15 लाख प्रति वयस्क सदस्य के मान से पैसा मांग रहे हैं।

फिर से ग्रामसभा कराने में वक्त लगेगा
"लखनगवां के बाद अब हर नगर में भी ग्रामसभा स्थगित हो गई है। यदि ग्रामीण ग्रामसभा का कोरम पूरा करते और अपनी मांग रखते तो हम प्रस्ताव बनाकर शासन को भिजवाते। शासन स्तर से जो निर्णय होता, उसके अनुसार मुआवजा वितरित किया जाता। लेकिन लोग इस बात के लिए राजी नहीं हुए। हम अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं। फिर से ग्रामसभा कराने में पत्राचार में वक्त लगेगा।" - वृंदावन यादव , रेंजर, नेशनल पार्क शिवपुरी

लगभग लोग सहमति दे चुके हैं
"चकडोंगर और मामौनी में ग्रामसभाएं हो चुकी हैं। लगभग लोग सहमति दे चुके हैं और 3-4 लोग असहमत हैं उन्होंने लिखित में दिया है। मुआवजा प्रति वयस्क सदस्य अथवा जमीन की वर्तमान कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर मुआवजा लेना है, परिवार से बात करके सहमति देंगे।" -मोनिका ठाकुर, रेंजर, नेशनल पार्क शिवपुरी

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