भगवताचार्य-पूजा किशोरी जी
हसौद (अमोद)- ग्राम पंचायत अमोदा द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का आज सप्तम दिवस सुदामा चरित्र की कथा में पूजा किशोरी जी ने राधे-राधे गोविंद राधे-राधे जप कीर्तन के साथ किया। इस दौरान सुदामा के दरिद्रता से त्रस्त होकर पत्नी के आग्रह पर मथुरा पहुँचने का वर्णन प्रसंग किया गया।
अक्सर लोग अच्छी बात करने वाले, हंसी, मजाक, करने वाले, मौज मस्ती में साथ देने वाले लोगों को अपना सच्चा मित्र मान लेते है । जबकि जो मित्र आपको गलत रास्ते जाने से रोके उसे आप गलत समझ बैठते है। पूजा किशोरी जी ने बताया कि याद रखे सच्चे मित्र कभी आपको दुर्व्यसनों के लिए प्रेरित नहीं करेंगे, क्योंकि सच्चे मित्र भाई के समान होते हैं। सच्चा मित्र बिना स्वार्थ आपके साथ रहता है, आपके हित की सोचता है, लाख लड़ाई हो जाए आपको नहीं छोड़ता है।
कथा में उपस्थित श्रद्धालुसच्ची मित्रता कृष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए, जिसमें किसी प्रकार का स्वार्थ न हो अपने मित्र के प्रति छल कपट की भावना से परे हो। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाह के बारे में संक्षेप में वर्णन करते हुए कहा कि भगवान हमें खुद ही रास्ता दिखाते हैं, वह हमें गलत और सही का भी आभास कराते हैं।
राजा परीक्षित की मोक्ष की कथा के साथ आज सोमवार को कथा का विश्राम हुआ। इस दौरान विशाल भंडारे प्रसादी का वितरण किया गया । इस अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान श्री सोनाऊ राम पटेल (पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत अमोदा), एकांश पटेल (पत्रकार बिर्रा), संजय पटेल,शुभम थवाईत, बेदराम पटेल सहित भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।।





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