कर्मचारियों को निर्देश देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी
बिर्रा -विकासखंड के समस्त शैक्षिक समन्वयक,संकुल प्राचार्य एवं संकुल से एक व्याख्याता का सुघ्घर पढ़वईया कार्यशाला में विकास खंड शिक्षा अधिकारी एमडी दीवान विकासखंड स्रोत समन्वयक एचके बेहार की उपस्थिति में कार्यशाला आयोजित किया गया। कार्यशाला के दौरान विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा समय पर विद्यालय पहुंचने और अनुशासन पर विशेष जोर देते हुए सभी को संबोधित किया। कार्यशाला में सामाजिक अंकेक्षण,विद्यालय अंतर्गत एसएमसी सदस्यों के बीच संकलन प्रपत्र को भरना, समावेशी शिक्षा,छात्र प्रोफाइल में लर्निंग डिसेबिलिटी को विशेष रुप से ध्यान देकर भरना,एफएलएन प्रशिक्षण संकुल स्तरीय दो दिवसीय आहुतकर प्रतिवेदन फोटो भेजने के साथ ही सुध्धर पढ़ोइया के अंतर्गत विद्यालय पोर्टल में चैलेंज लेंगे और अपने विद्यालय की वास्तविकता को बताएंगे।
लर्निंग आउटकम पर विशेष ध्यान देने व निक्लर ऐप का उपयोग कर आकलन करना,टेलीग्राम ग्रुप में समस्त संकुल प्राचार्य व्याख्याता सीएससी शिक्षक- शिक्षिकाओं की सहभागिता करना एवं प्रिंटरिच समस्त प्राथमिक-माध्यमिक शालाओं का अंकित कराना,होलिस्टिक कार्ड का क्रियान्वयन प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी (पीएलसी)को सक्रिय कर उनके माध्यम से शिक्षकों का सतत क्षमता विकास करना,अंगना में शिक्षा कार्यक्रम मिशन एलओसी साला संकुल योजना का अध्ययन कर उन्हें अपने विकासखंड में लागू कराना,प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी को सक्रिय कर उन के माध्यम से शिक्षकों का सतत क्षमता विकास करना,एफएलएन के लिए मेंटर मेंटी का गठन कर सक्रिय करना और चर्चा पत्र के आधार पर संकुल में चर्चा पत्र के उल्लेखित बातों को लागू कराना,डीप-स्टिक अध्ययन करना,बालवाड़ी को बोटम रुप एप्रोच का उपयोग कर निरीक्षण एवं प्लानिंग करना,यू डाइस डाटा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रविष्टि करना व भारत सरकार के पीजीआई (परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स)का रैकिंग का निर्धारण दर्ज संख्या में 3 से 5प्रतिशत विशेष आवश्यकता वाले बच्चे(सीडब्ल्यूएसएन)का अनुपात होना चाहिए उक्त जानकारी कार्यशाला में बीआरसी एच के बेहार ने दी।
सुघ्घर पढ़वईया कार्यशाला में सहायक प्राध्यापक एमआर चंद्रा विकासखंड अकादमिक प्रभारी एवं सुरेश साहू सहायक पर प्राध्यापक डाइट जांजगीर द्वारा बताया गया कि जब विद्यालय को 90% या इससे अधिक अंक प्राप्त होते हैं उस विद्यालय को सुघ्घर पढ़वईया प्लैटिनम का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। 85% से अधिक किंतु 90 90% से कम हो तो उसे गोल्ड एवं 80 से अधिक किंतु पचासी से कम हो तो सिल्वर प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रमाण पत्र विद्यालयों तथा उनके सभी शिक्षकों को स्वतंत्रा दिवस अथवा गणतंत्र दिवस पर प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित किया जाएगा। निरीक्षण दल के सदस्य निक्लर तथा टेली पिक्चर ऐप का उपयोग करते हुए जहां तक संभव हो विद्यार्थियों के आकलन का प्रयास करेंगे। उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी डॉ उमेश कुमार दुबे ने दी।



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