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संस्कार भारती छत्तीसगढ़ व्दारा आयोजित प्रांत स्तरीय संगीत विधा का पांच दिवसीय कार्य शाला का शुभारंभ

 


बिर्रा-दिनांक01/6/2023 को किशन देवांगन (गायन) प्रशिक्षक बी हाई ग्रेड आर्टिस्ट आल इंडिया रेडियो रायपुर, श्री अशोक कूर्म तालमणि बी हाई ग्रेड आर्टिस्ट आल इंडिया रेडियो रायपुर ,श्री अनिल जोषि क्षेत्रप्रमुख संस्कार भारती , डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर सह महामंत्री छत्तीसगढ़ प्रांत संस्कार भारती ,श्री देव लाल कश्यप ,श्री शेष नारायण सोनी,सतीश सिंह ठाकुर की आतिथ्य में माँ भारती माँ वीणापाणि के तेल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवम पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ हुआ ।कार्यक्रम का सन्चालन मनोज तिवारी एवम आभार प्रदर्शन रामेश्वर केवट व्दारा किया गया ।अतिथियों का स्वागत रोली चदन तिलक लगाकर आर के सोनवानी , एन आर भारव्दाज , दुष्यंत साहू , जयंत कश्यप ।दीपक महिलांगे , लक्ष्मण साहू व्दारा किया गया ।संस्कार भारती के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये अनिल जोशी ने कहा ,संस्कार हमारी ब्यक्तित्व है । है।हमारी दैनिक दिनचर्या ही धीरे धीरे हमारा संस्कार बन जाता है ।संस्कार विहीन परिवार , समाज को नष्ट कर डालता है और जिस देश में संस्कार विहीन समाज हो वह राष्ट्र अपने आप नष्ट हो जाता है ।किशन देवांगन प्रशिक्षक अपने संबोधन में बतलाये की बड़े बड़े असाध्य रोग संगीत के रागो व्दारा ठीक हो जाते है । संगीत सुर आराधना है ।संगीत से मन को शांति मिलती है। संगीत जीवन जीने की आशा है। तालमणि अशोक कूर्म ने ताल की संज्ञा दिल की धड़कन से करते हुये कहा कि हमारे स्वस्थ शरीर के लिए जिस प्रकार से नियमित तथा संयमित धड़कन जरूरी है उसी प्रकार संगीत में ता ल का महत्व है। व्दितीय सत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री निर्मल सिन्हा जी का पावन जन्म दिवस था जिसे सादगी पूर्वक संस्कार भारती ,एवम संगीत परिवार व्दारा निर्मल सिन्हा जी को तिलक , रोली कुमकुम लगाकर मनाया गया। निर्मल सिन्हा जी ने उस अवसर पर कहा कि , जीना उसी का जीना है जो ओरो को जीवन देता है ।इस कार्यशाला में 30 संगीत साधको को शामिल किया गया ।विभिन्न जिला ,रायगढ़ , कोरबा, बिलासपुर,बलौदाबाजा , सारंगढ़ , सक्ति , जांजगीर चाम्पा से पधारे है । 50 प्रतिभागी एवम गुरुजन संगीत आराधना कर रहे है। उक्ताशय की जानकारी मनोज तिवारी ने दी।

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