प्राचार्य आर. कृष्णा ने बताया कि इस उत्सव में विद्यार्थियों ने मुझे प्रेरणा स्कूल के भ्रमण हेतु चयनित क्यो होना चाहिए तथा 2047 में मेरे सपनों का विकसित भारत विषय पर निबंध लेखन, कविता लेखन अथवा चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेना था। सभी विधाओं के परिणाम हेतु 8 निर्णायक नियुक्त किये गए। पहले चरण में से 30 विद्यार्थी चुने गए। जिसमें 15 छात्र एवं 15 छात्राएं शामिल थी। जिसके पश्चात निर्णायकों ने उनका साक्षात्कार लिया। अंतिम चरण में 1 छात्र एवं 1 छात्रा का चयन किया जाएगा, जो गुजरात के मेहसाणा जिले के बड़नगर में स्थित प्रेरणा स्कूल में 7 दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता करेंगें।

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