शिवपुरी जिले के करैरा तहसील क्षेत्र में शासकीय भूमि से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। ग्राम जरगंवा अव्वल की जमीन के मामले में जांच के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करने के आरोप लगे हैं। तहसीलदार की शिकायत पर दिनारा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार करैरा तहसीलदार कल्पना शर्मा ने दिनारा थाने में लिखित आवेदन देकर ग्राम जरगंवा अव्वल स्थित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 247 में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई। यह कार्रवाई कलेक्टर शिवपुरी के निर्देश पर की गई जांच के बाद सामने आई।
मामले की जांच डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ द्वारा की गई थी। जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि शासकीय भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में सुनियोजित तरीके से छेड़छाड़ की गई। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर फर्जी प्रकरण तैयार किए, दायरा पंजी में हेरफेर किया और खसरा के पन्ने तक फाड़कर गायब कर दिए।
इतना ही नहीं, बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नामांतरण किए गए और बाद में उन्हें निरस्त भी कर दिया गया। साथ ही शासकीय भूमि के बटे नंबरों को भी अवैध तरीके से डिलीट और जोड़ने का काम किया गया।
जांच के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन कार्यालय कानूनगो जीवनलाल तिवारी (सेवानिवृत्त), प्रताप पुरी (रिकॉर्ड शाखा प्रभारी), नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव, प्रवाचक लोकेन्द्र श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-3 (नकल शाखा) दिवंगत लालाराम वर्मा, हल्का पटवारी बृजेश यादव और दिवंगत पटवारी मुकेश चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
0 टिप्पणियाँ