व्यापारी का कहना है - रुपए देने से मना करने पर तौल कांटा उठा लिया जाता है विरोध करने पर अभद्रता कर धमकाया जाता है
शिवपुरी में कृषि उपज मंडी पिपरसमां से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। दो व्यापारियों ने मंडी कर्मचारियों पर अवैध वसूली और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। वहीं, मंडी सचिव ने उन्हीं व्यापारियों के खिलाफ देहात थाने में अवैध कारोबार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
व्यापारी शिवकुमार गुप्ता और सचिन गुप्ता ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि मंडी के लिपिक जैसवाल और कर्मचारी दीपक झा उनसे 10,000 रुपये की मांग कर रहे थे। व्यापारियों का आरोप है कि उनसे पहले भी पैसे लिए जा चुके हैं।
व्यापारियों के अनुसार, जब उन्होंने दोबारा पैसे देने से इनकार किया, तो 15 अप्रैल को उनकी दुकान से तौल कांटा उठा लिया गया। उन्होंने कर्मचारियों पर विरोध करने पर गाली- गलौज और धमकियां देने का भी आरोप लगाया है।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बड़े व्यापारियों को छूट दी जाती है, जबकि छोटे व्यापारियों पर दबाव बनाया जाता है। तौल कांटा हटाए जाने से उनकी दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
दूसरी ओर, कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी के सचिव बबलेश शुक्ला ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार गुप्ता और सचिन गुप्ता बिना लाइसेंस के मंडी क्षेत्र के बाहर अवैध रूप से कृषि उपज का क्रय-विक्रय कर रहे थे।
सचिव के अनुसार, उड़नदस्ता टीम की कार्रवाई के दौरान इन व्यापारियों के पास 12 क्विंटल गेहूं अवैध रूप से भंडारित पाया गया। उन्हें नियमानुसार शुल्क जमा करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं की।
सचिव शुक्ला ने यह भी बताया कि व्यापारी मंडी कार्यालय पहुंचकर गाली-गलौज करने लगे और शासकीय कार्य में बाधा डाली। इस मामले में उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।


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