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Shivpuri news : शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें, 6 से 14 वर्ष का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे- डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार

 



बैठक से अनुपस्थित शिक्षकों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिसकलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार करैरा विकासखंड में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) श्री दफेदार सिंह सिकरवार ने शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, नामांकन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अपार आईडी, एफएलएन, उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान तथा अन्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में विकासखंड के शाला प्रभारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में डीपीसी श्री सिकरवार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 से 14 वर्ष आयु का कोई भी बच्चा विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक विद्यालय अपने क्षेत्र में घर-घर संपर्क कर पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि नामांकन के साथ-साथ विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और सीखने के स्तर में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। अपार आईडी निर्माण, एफएलएन गतिविधियों तथा शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्यक्रमों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, शैक्षणिक वातावरण, छात्र-छात्राओं की प्रगति, विद्यालय परिसर की स्वच्छता तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। जिन विद्यालयों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।डीपीसी श्री सिकरवार ने कहा कि करैरा क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में संभाग स्तर पर चयनित 20 मॉडलों में से 13 मॉडल करैरा विकासखंड के हैं, जो क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने नारही की उस छात्रा का भी उल्लेख किया, जिसे उत्कृष्ट उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि विकासखंड में अब तक बड़ी संख्या में असाक्षरों का पंजीयन किया जा चुका है। प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2027 तक देश को पूर्ण साक्षर बनाने के संकल्प को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों एवं शाला प्रभारियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की गई। अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शाला प्रभारी रवि तिवारी, भानुप्रताप सिंह परमार सहित अन्य शिक्षकों को सम्मानित किया गया।अशासकीय विद्यालयों के संचालकों को विद्यालय वाहनों की फिटनेस, वैध दस्तावेज, चालकों के लाइसेंस, गाइड की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा विद्यालय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने पर जोर दिया।बैठक में एपीसी श्री उमेश करारे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री मुकेश शर्मा, बीआरसी श्री विनोद तिवारी, संकुल प्राचार्य, बीएसी, जन शिक्षक, अशासकीय विद्यालय संघ के पदाधिकारी तथा विकासखंड के समस्त शाला प्रभारी उपस्थित रहे।

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