बदरवास (शिवपुरी)। जिले में लोडिंग वाहनों में सवारियों को जानवरों की तरह ठूंसकर ले जाने का जानलेवा खेल बदस्तूर जारी है। बुधवार सुबह बदरवास थाना क्षेत्र में इसी लापरवाही का एक और खौफनाक नजारा देखने को मिला, जहां मजदूरों से भरा एक अनियंत्रित लोडिंग वाहन एजवारा रोड पर सड़ गांव के पास सड़क किनारे पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में 6 मजदूर लहूलुहान हो गए, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
काम पर जा रहे थे मजदूर, रास्ते में बिछ गईं चीखें प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दीघोद कंचनपुरा गांव के मासूम मजदूर अपने परिवार का पेट पालने के लिए लोडिंग वाहन में सवार होकर अम्हारा गांव मजदूरी करने जा रहे थे। रास्ते में एजवारा रोड पर वाहन चालक की लापरवाही और रफ्तार के कारण संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी पलट गई। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची डायल-112 टीम (पायलट हर्षवर्धन भार्गव और एसआई राकेश शिवहरे) ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को बदरवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
घायलों की सूची और एक की हालत गंभीर हादसे में विनोद आदिवासी (28), अजय राजपूत (25), जनवेद आदिवासी (30), रतन आदिवासी (30), फूल सिंह आदिवासी (18) और राजू आदिवासी (30) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें राजू आदिवासी की हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है, जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
बड़ा सवाल: आखिर कब जागेगा प्रशासन? यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ढोने वाली प्रशासनिक अनदेखी का नतीजा है। लोडिंग गाड़ियों में क्षमता से अधिक मजदूरों को भरकर ले जाना बदरवास क्षेत्र में आम बात हो चुकी है, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग आंखें मूंदे बैठा है। यदि विभाग ने इन जानलेवा गाड़ियों पर वक्त रहते सख्त कार्रवाई की होती, तो आज किसी गरीब मजदूर की सांसों पर संकट न मंडरा रहा होता। पुलिस ने हमेशा की तरह मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल वही है कि क्या इस जांच से बेकाबू लोडिंग वाहनों पर लगाम लग पाएगी?


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