स्थान: नई दिल्ली- पीड़ित: पप्पू यादव (निर्दलीय सांसद, पूर्णिया)
- आरोपी: सुमित गिरी गोस्वामी (पुलिस हिरासत में)
नई दिल्ली: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर रविवार शाम जमकर हंगामा हुआ। आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता (Press Conference) के दौरान एक युवक ने सांसद पर चप्पल फेंककर हमला करने का प्रयास किया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद पप्पू यादव के समर्थकों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के सामने ही उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को छुड़ाकर हिरासत में लिया।
"चाकू से हत्या की साजिश थी": पप्पू यादव का गंभीर आरोप
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि यह महज चप्पल फेंकने की घटना नहीं, बल्कि उनकी जान लेने की सोची-समझी साजिश थी।
पप्पू यादव का बयान: "आपके सामने ही यह हमला हुआ है। मेरा क्या गुनाह है? गुनाह तो बृजभूषण शरण सिंह और चंपत राय का है। कुछ तथाकथित बाबा रोजाना बयान दे रहे हैं कि मुझे मार दो, जला दो और 51 लाख रुपये ले जाओ। आज एक युवक चाकू लेकर मेरी हत्या करने आया था, जिसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।"
विरोध जताने आए थे या हमला करने? आरोपी पक्ष का दावा
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए आरोपी का नाम सुमित गिरी गोस्वामी बताया गया है। वहीं, उसके साथी हैप्पी शर्मा ने मीडिया के सामने कहा:
"हमने पप्पू यादव पर कोई हमला नहीं किया। उन्होंने संसद में भगवा का अपमान किया था, हम केवल उसका शांतिपूर्ण विरोध करनेआए थे। लेकिन उनके समर्थकों ने हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी।"
विवाद की जड़: संसद में दिया बयान और 51 लाख का इनाम
गौरतलब है कि हाल ही में संसद में दिए गए एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसके बाद लखनऊ के एक हिंदूवादी नेता ने पप्पू यादव का सिर कलम करने या नुकसान पहुंचाने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया था।
दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है और घटना के पीछे किसी बड़े संगठन या साजिश के एंगल से जांच शुरू कर दी है।

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