कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला प्रबंधक लीड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, मध्यांचल ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सहित जिले के विभिन्न बैंकों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने 100 प्रतिशत केसीसी सैचुरेशन के साथ पात्र ऋणी किसानों का फसल बीमा कराने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री वर्मा ने बैंक अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पात्र किसानों के फसल बीमा की प्रक्रिया समय पर पूरी कराने के निर्देश दिए।किसानों के हित में फसल बीमा की अंतिम तिथि 17 अगस्तकिसान कल्याण एवं कृषि विकास के उप संचालक श्री मुनेश कुमार शाक्य ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2026 की अधिसूचित फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 17 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई है। भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा प्रदेश में संभावित अल्पवृष्टि एवं प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय कृषकों के हित में लिया गया है, जिससे अधिक से अधिक पात्र कृषकों को योजना का लाभ प्राप्त हो सके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा, सूखा, अल्पवृष्टि, अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव, चक्रवात सहित अन्य जोखिमों से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा का लाभ मिलता है। शिवपुरी जिले में खरीफ 2026 के लिए धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, बाजरा, ज्वार, तुअर, उड़द, मूंग, सोयाबीन एवं मूंगफली अधिसूचित फसलें हैं।ऋणी और गैर-ऋणी किसान यहां करा सकते हैं बीमायोजना के अंतर्गत जिले के ऋणी पात्र कृषक अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा 17 अगस्त तक निकट बैंक शाखा, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक के माध्यम से करा सकते हैं। वहीं गैर-ऋणी (स्वैच्छिक) कृषक अपना बीमा कॉमन सर्विस सेंटर, एम.पी. ऑनलाइन, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अथवा राष्ट्रीयकृत बैंक के माध्यम से करा सकते हैं।फसल बीमा कराते समय किसानों को समग्र किसान आईडी, आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक), बैंक खाते की जानकारी/पासबुक, भू-अधिकार पुस्तिका अथवा भूमि अभिलेख, बोवाई संबंधी स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाना होगा। निर्धारित अवधि के पश्चात बीमा प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएगें। उप संचालक ने जिले के समस्त कृषकों से आग्रह किया है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय रहते अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ प्राप्त करें तथा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल हानि को कम करें।

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