Asian Games 2026: आइची-नागोया में भारत की स्वर्णिम चमक; 85 पदकों के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, MP का रहा विशेष योगदान
जापान (आइची-नागोया): एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और जज्बे का ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए दुनिया भर में भारत की खेल शक्ति का लोहा मनवाया है। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में गौरवपूर्ण चौथा स्थान हासिल किया है।
इस वैश्विक सफलता में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान भी बेहद खास रहा, जिन्होंने 10 मेडल (5 स्वर्ण, 4 रजत और 1 कांस्य) देश की झोली में डाले।
एशियन गेम्स 2026: भारत की प्रमुख उपलब्धियां
भारत ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए और सालों पुराने सूखे को खत्म किया:
- एथलेटिक्स और शूटिंग का दबदबा: भारत को सबसे ज्यादा 24 पदक एथलेटिक्स में और 15 पदक शूटिंग में मिले।
- क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में क्लीन स्वीप: भारतीय महिला और पुरुष टीमों ने क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी तीनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद यह खिताब जीता।
- ऐतिहासिक मुक्केबाजी: लवलीना बोरगोहेन, मैरी कॉम (2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बनीं।
- रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन:
- नीरू ढांडा: महिलाओं के ट्रैप इवेंट में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता।
- मीराबाई चानू: 1998 के बाद वेटलिफ्टिंग में भारत को पहला मेडल (रजत) दिलाया।
- कुमकुम मोहोद: 17 साल की उम्र में व्यक्तिगत रिकर्व में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
- सावन बरवाल: मैराथन में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाकर 1982 के बाद पहला पदक जीता।
- विथ्या रामराज: 400 मीटर बाधा दौड़ में 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर कांस्य जीता।
- सॉफ्ट टेनिस व एमएमए: सुचिका तरियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में और जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला एशियन गेम्स मेडल (कांस्य) जीता।
मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने बढ़ाई देश की शान
प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 10 पदकों पर कब्जा जमाया:
खिलाड़ी का नाम | खेल | हासिल पदक |
नीरू ढांढा | शूटिंग (शॉटगन) | 2 स्वर्ण, 1 रजत (कुल 3 मेडल) |
विवेक सागर | पुरुष हॉकी | स्वर्ण पदक |
इशिका चौधरी | महिला हॉकी | स्वर्ण पदक |
क्रांति गौड़ | महिला क्रिकेट | स्वर्ण पदक |
मनीषा कीर | शूटिंग (ट्रैप टीम) | रजत पदक |
ऐश्वर्य प्रताप सिंह | शूटिंग (50मी. राइफल 3 पोजिशन) | रजत पदक |
आशी चौकसे | शूटिंग (50मी. राइफल 3 पोजिशन) | रजत पदक |
जय मीणा | सॉफ्ट टेनिस | कांस्य पदक |
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और योजनाओं का दिख रहा असर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मार्गदर्शन और 'खेलो इंडिया' जैसी योजनाओं के चलते देश में नई खेल संस्कृति का निर्माण हुआ है। छोटे शहरों और सामान्य परिवारों के युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
वहीं, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में खेलों के विस्तार के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 विश्वस्तरीय अकादमियां संचालित हैं। साथ ही, 'सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना' के तहत सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक खेल परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। टैलेंट सर्च, खेलो एमपी यूथ गेम्स और पार्थ योजना जैसी पहलों से ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशा जा रहा है
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