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फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने पर विवाद, पीड़िता ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार |
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने की बात को लेकर हुई मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। 29 वर्षीय पीड़िता मोनिका खटीक ने आरोपियों पर न सिर्फ मारपीट बल्कि शिकायत दर्ज कराते वक्त पुलिस थाने के अंदर घुसकर धमकाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
संजय कॉलोनी (वार्ड क्रमांक 35) निवासी पीड़िता मोनिका खटीक के अनुसार, गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह घर का कूड़ा-कचरा डालने जा रही थी। तभी मोहल्ले के ही रहने वाले प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया।
जब मोनिका ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर उसे ज़मीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से बेहमी से मारपीट की। चीख-पुकार सुनकर पीड़िता की नानी आशा खटीक और मामी मंजू खटीक मौके पर पहुंचीं और बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई।
थाने के अंदर धमकाने का आरोप, CCTV फुटेज जांच की मांग
घटना के बाद पीड़िता देर रात फिजिकल पुलिस थाने पहुंची और मामला दर्ज कराया। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि जब एफआईआर दर्ज हो रही थी, तब आरोपी और उनके साथी थाने के भीतर आ गए और उसे जान से मारने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे।
पीड़िता ने एसपी कार्यालय में दिए आवेदन में थाने में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज जांचने की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।
आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग
पीड़िता मोनिका का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि:
आरोपियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
पीड़ित परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
भविष्य में यदि आरोपी पक्ष कोई झूठी शिकायत करता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाए।

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