भोपाल। मध्यप्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर धान, ज्वार और बाजरा की खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया तेजी से जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक प्रदेश के 1 लाख से अधिक किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
मंत्री श्री राजपूत ने किसानों से अपील की है कि अंतिम समय की भागदौड़ और असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीयन अवश्य करा लें। प्रदेश भर में इसके लिए 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।
संभागवार पंजीयन के आंकड़े
प्रदेश के विभिन्न संभागों में किसानों द्वारा कराए गए पंजीयन की स्थिति:
- जबलपुर संभाग: 54,079 किसान
- रीवा संभाग: 26,730 किसान
- शहडोल संभाग: 9,710 किसान
- नर्मदापुरम संभाग: 9,436 किसान
- सागर संभाग: 4,766 किसान
- भोपाल संभाग: 4,244 किसान
कहाँ करा सकते हैं पंजीयन? (निःशुल्क एवं सशुल्क व्यवस्था)
1. निःशुल्क पंजीयन केंद्र:
- ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र।
- सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्र।
2. सशुल्क पंजीयन केंद्र:
- एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क, सीएससी (CSC) सेंटर, लोक सेवा केंद्र और प्राइवेट साइबर कैफे।
- नोट: सशुल्क केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये ही शुल्क लिया जाएगा।
(विशेष टिप्पणी: सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति एवं विपणन संस्थाओं केकेंद्रों पर ही होगा, जिसका सत्यापन राजस्व विभाग करेगा।)
भुगतान के लिए बैंक खाता और आधार लिंक होना अनिवार्य
उपार्जित फसल का भुगतान सीधे किसान के आधार-लिंक (Aadhaar Linked) बैंक खाते में किया जाएगा।
- अमान्य खाते: अक्रियाशील (Inactive) खाते, जॉइंट अकाउंट (Joint Bank Accounts) और फिनो, एयरटेल, पेटीएम जैसे पेमेंट्स बैंक खाते मान्य नहीं होंगे।
- आधार सत्यापन: ई-उपार्जन पोर्टल द्वारा पंजीयन के दौरान ही खाते की जांच के लिए 1 रुपये का ट्रांजेक्शन किया जाएगा।
- सत्यापन का तरीका: आधार नंबर का वेरिफिकेशन मोबाइल ओटीपी (OTP) या बायोमेट्रिक डिवाइस से होगा।
- नाम का मिलान: भू-अभिलेख (खसरे) में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम में समानता होना जरूरी है। विसंगति होने पर सत्यापन तहसील कार्यालय से होगा।
जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि आधार केंद्रों और पोस्ट ऑफिस सुविधा केंद्रों को सक्रिय रखा जाए ताकि किसान अपना मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें।

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