शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के खनियाधाना कस्बे के बस स्टैंड पर बुधवार को पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि सरेआम फायरिंग हो गई। इस घटना में एक व्यक्ति के पैर में कट्टे/बंदूक के छर्रे लगे हैं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग (क्रास) FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला पक्ष: नगर परिषद अध्यक्ष के पति व कांग्रेस नेता सतेंद्र साहू पर कट्टा तानकर हमला
पहली FIR नगर परिषद अध्यक्ष छाया साहू के पति और कांग्रेस नेता सतेंद्र साहू की शिकायत पर दर्ज की गई है। सतेंद्र साहू ने पुलिस को बताया कि वे बस स्टैंड स्थित अपनी दुकान से स्कूटी पर दूसरी दुकान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान राजेंद्र सिंह यादव के घर के सामने अनिल यादव (निवासी मुहासा) अपने 3-4 साथियों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी के पास खड़ा था।
आरोप है कि अनिल यादव ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से कट्टा तानकर फायर कर दिया। सतेंद्र साहू का कहना है कि वे बाल-बाल बच गए और उन्होंने अनिल यादव को पकड़ लिया, जिसके बाद उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट की। सतेंद्र के कंधे और गर्दन पर चोट आई है। पुलिस ने अनिल यादव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
दूसरा पक्ष: दुष्कर्म पीड़िता के पिता का आरोप- समझौते के दबाव में की गई फायरिंग
वहीं दूसरी ओर से शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति ने खुद को 2025 के एक नाबालिग दुष्कर्म मामले की पीड़िता का पिता बताया है। उसका आरोप है कि 2025 में उसकी 17 वर्षीय बेटी से हुए दुष्कर्म मामले में विवेक यादव और जितेंद्र चंदेल के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उसने सतेंद्र साहू का नाम भी लिया था, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के चलते उनका नाम शामिल नहीं किया गया और लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बुधवार को वह अपनी पत्नी के साथ खनियाधाना बस स्टैंड पर था, तभी सतेंद्र साहू अपने साथियों (बल्लू यादव, जितेंद्र बरार और ढालू यादव) के साथ स्कूटी से पहुंचे और वहां फायरिंग हुई। घायल का आरोप है कि गोली सतेंद्र साहू ने चलाई और उसने उन्हें फायर करते देखा है, जिससे उसके पैर में छर्रे लगे। हालांकि पुलिस ने दूसरी FIR में फिलहाल गोली चलाने वाले को अज्ञात बताया है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फायरिंग की मुख्य वजह क्या थी और गोली वास्तव में किसने चलाई, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा


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