कहानी बदलाव की: चाय की छोटी सी दुकान से सफलता की नई इबारत, पीएम स्वनिधि से बदली पोहरी के रफीक अहमद की किस्मत
शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। मजबूत इरादे और सही समय पर मिलने वाली सरकारी मदद किसी भी छोटे व्यवसायी की जिंदगी बदल सकती है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की तहसील पोहरी के निवासी श्री रफीक अहमद की कहानी इस बात की सबसे बड़ी मिसाल है। कभी सीमित साधनों के बीच एक छोटी सी चाय की दुकान चलाने वाले रफीक अहमद आज पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) के संबल से एक सफल और आत्मनिर्भर व्यवसायी बनकर उभरे हैं।
10 हजार से शुरू हुआ वित्तीय अनुशासन का सफर
रफीक अहमद के व्यावसायिक जीवन में मोड़ तब आया, जब उन्हें नगर पंचायत पोहरी के माध्यम से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना की जानकारी मिली।
उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तार देने के लिए योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से लाभ उठाया:
- पहला चरण (₹10,000): सबसे पहले 10,000 रुपये का कार्यशील पूंजी (Working Capital) ऋण लिया और समय पर पूरा भुगतान कर बेहतरीन क्रेडिट हिस्ट्री बनाई।
- दूसरा चरण (₹20,000): वित्तीय अनुशासन को देखते हुए बैंक द्वारा 20,000 रुपये का दूसरा ऋण स्वीकृत किया गया, जिसे भी उन्होंने ईमानदारी से चुकाया।
- तीसरा चरण (₹50,000): लगातार सही ट्रैक रिकॉर्ड के बल पर उन्हें 50,000 रुपये की तीसरी किस्त प्रदान की गई।
चाय की टपरी से ‘टी एंड कोल्ड्रिंक्स’ का आधुनिक आउटलेट
₹50,000 की वित्तीय सहायता मिलते ही रफीक अहमद ने अपनी पुरानी दुकान का कायाकल्प कर दिया। उन्होंने दुकान में रेफ्रिजरेटर लगाया और चाय के साथ-साथ कोल्ड्रिंक्स, बेकरी प्रोडक्ट्स और पैक्ड स्नैक्स का नया स्टॉक शामिल किया।
इस नवाचार और विस्तार का सीधा असर उनकी दैनिक बिक्री पर पड़ा, जिससे उनकी मासिक आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे दुकानदारों के लिए बने प्रेरणा
रफीक अहमद का यह स्वावलंबन न केवल उनके परिवार को आर्थिक मजबूती दे रहा है, बल्कि पोहरी और शिवपुरी क्षेत्र के अन्य स्ट्रीट वेंडर्स के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना है। उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि सरकारी योजनाओं का उपयोग ईमानदारी, सही योजना और वित्तीय अनुशासन के साथ किया जाए, तो छोटी सी शुरुआत भी बड़े बदलाव में बदल सकती है।
"पीएम स्वनिधि योजना मेरे जैसे छोटे दुकानदारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना ने मुझे न केवल आर्थिक मजबूतीदी, बल्कि समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया।" — रफीक अहमद (लाभार्थी, पोहरी)
अपनी इस कामयाबी पर खुशी जताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और स्थानीय प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।


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