स्वच्छता अभियान वर्तमान का ज्वलंत मुद्दा-कहाँ जा रहा है फण्ड--
*भाजपा का उक्त अभियान दम तोड़ने की कगार पर।
*चुनावी मुद्दे के आगे सभी जनहित के मुद्दे हुए गौण।
*आफत सिर पर आने के वाद जागते है हम भारतवासी।
*अतिवर्षा के वाद राहत कार्य और वायरल फैलने के वाद चलेगा स्वच्छता अभियान।
#दिशा बदले तो दशा बदले## विवेक व्यास।।
कोलारस/-स्वच्छता अभियान की शुरूआत में जिस हिसाब से ब्रान्डिंग हुई थी आगाज की तरह इस अभियान का अंजाम कही देखने को नही मिल रहा है।
विज्ञापन के माध्यम से जनता में जागरूकता तो आयी है किंतु ये न के बराबर है।
भाजपा के बड़े चेहरों ने जितनी झाड़ू लगा दी उससे आगे किसी के कदम नही बड़े।
शासन और प्रशासन अब तो इस अभियान को भूल ही गया हैं।
ख़ासकर चिकित्सा विभाग और नगर पंचायत और भाजपा के सफेदपोश नेता अतिवर्षा के बाद किसी गंभीर बीमारी के फैलने के इंतजार में है।
भाजपा, कांग्रेस सहित समाज के जागरूक लोगों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
सोसल मीडिया के माध्यम से उन जगहों को सार्वजनिक करना चाहिए जहां गंधगी अधिक है और वीमारी के कीटाणु जहां पनप रहे हों।
गर्मी के मौसम में किसी भी विभाग द्वारा मच्छर मारने की दवाई का छिड़काव नही किया अब वर्षा का मौसम जाने को है
जगह जगह दूषित पानी भरा है।
अस्पताल मे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन हम खतरा सिर पर आने का इंतजार करते है। हम अतिवर्षा के वाद राहत कार्य करते है।नदी नालों में डूबने के बाद ndrf टीम को लगाते है।
राशन की दुकान पर माल की बाजार में विकने के वाद जांच का इंतजार करते है। दुर्घटना होने के बाद सड़क के गड्ढे भरते है। टोल प्लाजा पर लड़ाई के बाद बस मालिकों की सुनवाई करते है।
हम इन सबके आदि क्यो हो चुके है जबकि अब तो पर्याप्त फण्ड और श्रम सक्ति और मशीनरी हमारे पास है।
21वी सदी में रहते हुए भी हम आज भी हजारों साल पुरानी हड़प्पा संस्कृति से बहुत पीछे है।शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बड़ा समुदाय जनता को मूलभूत सुविधाएं देने में पंगु क्यो साबित हो रहा है।
करोड़ों के फण्ड से हम जनता को स्वास्थ्य और स्वच्छता देने में असमर्थ साबित हो रहे है ये वेहद चौकाने वाला मामला है।
कोलारस जैसी छोटी तहसील में दर्जनों विधायक के उम्मीदवार कुछ समय वाद नजर आएंगे लेकिन किसी के पास इस नगरी को साफ रखने का समय नही है।
जिसके चलते जनता वायरल बुखार की चपेट में है। हालहि में हुई अतिवर्षा के जल को वही प्रश्सिनिक अमला अभी भी नही निकाल सका है।जब 181 की प्रभावी कार्यवाही होती है तो vc में सभी अधिकारी जबाब देने में अपनी प्रमाणिकता देते नजर आते है यही कारण है कि जनता शिकायती होती जा रही है।
स्वच्छता अभियान जैसे जनहित के मुद्दे यदि कोलारस में दम तोड़ रहे है तो ये स्वच्छ समाज के लिए तो घातक है ही साथ मे भाजपा के निष्क्रिय चेहरे भी इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार है क्योंकि आज भी वी झाड़ू वाले फ़ोटो हमारे पास सेव है जिन्हें सभी ने सोशल मीडिया पर जनता को चूना लगाने की डाला था।
कैसे बदले गई दिशा और दशा/इनका कहना है--/
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में बात करता हूँ -प्रदीप तोमर sdm कोलारस। जिला कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने फ़ोन नही उठाया।
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इसको लेकर में संबंधित प्रश्सिनिक अमले से बात करूंगा।आखिर जब राशि आ रही है तो सफाई और दवाई पर ध्यान क्यो नही दिया जा रहा।
सुरेन्द्र शर्मा प्रदेश सदस्य भाजपा।
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इस संबंध में sdm और जिला कलेक्टर से बातकर कोलारस नगरी की हर आवाज़ उठायी जायेगी। स्वच्छता अभियान की राशि कहाँ खुर्द बुर्द हो रही है इसकी जाँच होना चाहिए।
गोटू जैन। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष।
आपके द्वारा हमेसा ज्वलंत मुद्दे उठाए जाते है। जनता के हिट को लेकर ये मामला भी गंभीर है इस दिशा में समाज के सहयोग से फिर इस अभियान को ताकत देंगे और प्रशासन को भी इस ओर गंभीर होने की आवश्यकता।
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स्वच्छता अभियान तो अब केवल मोदी जी चला रहे है भाजपा के चेहरों को तो कोलारस में चुनाव की पड़ी है कोई भी इस दिशा में सक्रिय नही है। प्रश्सिनिक अमला तो और भी हाथ पे हाथ रखे बैठा है।
श्रीराम गौड़ । वरिष्ट नागरिक ।
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