गुना एक अज्ञात गुमशुदा महिला अपने दो वर्ष के बच्चे के साथ 1 सितंबर को फतेहगढ़ (बमौरी) में घूमती हुई पाई गई थी। जिसे वरदान समाज सेवा समिति गुना के सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रमोद भार्गव द्वारा गुना बुलवाया गया। इसकी सूचना कलेक्टर गुना श्री विजय दत्ता को दी गई। कलेक्टर श्री दत्ता द्वारा रात्रि 09:00 बजे के लगभग जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री आर.बी. गोयल को उक्त महिला को वन स्टॉप सेंटर में प्रवेश देने के निर्देश दिये गये तथा पुलिस कोतवाली गुना के माध्यम से तत्काल वन स्टॉप सेंटर में प्रवेश दिलाया गया। उक्त महिला के साथ दो वर्ष का बच्चा भी था। महिला की भाषा समझ में नहीं आने से उसके परिवार के बारे में जानकारी मिलने में कठिनाई अवश्य हुई किंतु जिला प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री भार्गव के प्रयासों से उसके परिवार का पता मिलने पर उक्त महिला जिला बस्ती उत्तर प्रदेश की रहने वाली पाई गई तथा उसका नाम भोलीबाई खटीक एवं उसके पति का नाम भोला खटीक था। परिवार को गुना लाने हेतु जिला एवं पुलिस प्रशासन बस्ती जिला उत्तर प्रदेश से निरंतर संपर्क किया गया। किंतु उक्त परिवार ने आने में असमर्थता व्यक्त की।
इसे देखते हुए कलेक्टर श्री दत्ता के निर्देश पर भोली बाई को जिला बस्ती उ0प्र0 पहुंचाने का निर्णय लेते हुए अति. जिला दण्डाधिकारी श्री ए.के. चांदिल द्वारा पुलिस कोतवाली गुना को निर्देश दिये गये कि वे महिला को जिला बस्ती उत्तर प्रदेश ले जाकर उसके परिवार को सुपुर्द करें। इस हेतु 10 सितंबर 2018 को महिला को भेजने हेतु रिजर्वेशन भी हो चुका था किंतु अंतिम समय में उक्त महिला द्वारा पुलिस के साथ जाने से मना कर दिया गया तथा महिला ने कहा कि वह अपने पति के आने पर ही उनके साथ जाएगी। जिला प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा परिवार को गुना लाने की पहल की गई तथा बस्ती उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रशासन से निरंतर संपर्क कर महिला भोलीबाई के परिवार को गुना बुलवाया गया। आज 14 सितंबर 2018 को उक्त महिला भोली बाई को उसकी स्वेच्छा से उसके पति श्री भोला खटीक एवं ज्येष्ठ श्री रामधनी को कोतवाली पुलिस गुना की उपनिरीक्षक पूर्णिमा लांबे की उपस्थिति तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रशासक श्रीमति उमा शर्मा एवं काउंसलर श्रीमति रेखा सक्सेना और सामाजिक कार्यकर्ता श्री भार्गव के समक्ष सुपुर्द कर दिया गया। भोली बाई एवं उसके परिवार के सदस्यों की आने-जाने के किराये की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की गई। इस प्रकार उक्त महिला भोलीबाई 01 सितंबर 2018 से 13 सितंबर 2018 तक वन स्टॉप सेंटर गुना में रही तथा 14 सितंबर 2018 को कलेक्टर श्री दत्ता, पुलिस प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ता के प्रयासों एवं पहल से उसको परिवार मिल गया।
उल्लेखनीय है कि वन स्टॉप सेंटर जिला अस्पताल कैंपस में संचालित है। सेंटर में घरेलू हिंसा से पीडित महिलाओं को परामर्श, चिकित्सा, पुलिस सहायता, आवास सुविधा, विधिक सहायता आदि उपलब्ध कराई जाती है। प्रशासक वन स्टॉप सेंटर एवं काउंसलर श्रीमति रेखा सक्सैना द्वारा संबंधित की लगातार काउंसलिंग भी की जाती है। जिले में वन स्टॉप सेंटर 26 मई 2018 को कलेक्टर गुना श्री विजय दत्ता के विशेष प्रयासों से प्रारंभ किया गया था। उक्त वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को सहायता प्रदाय की जा रही है।

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