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आधार / नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं, क्यूआर कोड से हो जाएगा वेरिफिकेशन

दिल्ली ! डेटा के मिसयूज का खतरा नहीं रहेगा
ऑफलाइन प्रक्रिया होने की वजह से डेटा सर्वर पर नहीं जाएगा
बिना आधार नंबर दिए बैंक खाता खोल सकेंगे, नई सिम ले सकेंगे
बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी
Danik Bhaskar
Oct 03, 2018, 11:30 AM IST
नई दिल्ली. आधार वेरिफिकेशन के लिए सरकार अब ऑफलाइन प्रक्रिया के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए क्यूआर कोड और पेपरलेस जैसे तरीके अपनाए जाएंगे। इनमें बायोमैट्रिक और आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई के सर्वर की जरूरत नहीं होगी। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन भी नहीं होगा।
नई प्रक्रिया में डेटा चोरी की आशंका नहीं
ऑफलाइन केवाईसी प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को आधार नंबर देने की जरूरत नहीं होगी। यूजर चाहें तो सिर्फ नाम और पते से भी काम चल जाएगा। इससे उनकी प्राइवेसी बनी रहेगी और डेटा चोरी की आशंका नहीं रहेगी।
सर्विस प्रोवाइडर फर्म यूआईडीएआई की वेबसाइट से क्यूआर कोड रीडर डाउनलोड कर सकती हैं। स्कैनर की मदद से भी आधार नंबर रीड किया जा सकता है। क्यूआर कोड वेरिफिकेशन में धोखाधड़ी का खतरा नहीं रहेगा।
आधार नंबर के जरिए वेरिफिकेशन को लेकर लंबे समय से प्राइवेसी के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं। सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को आदेश दिया कि वेरिफिकेशन के लिए निजी कंपनियां बायोमैट्रिक प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं।

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