Music

BRACKING

Loading...

अगर ऐसी सरकारें गुलामी मैं होती तो महात्मा गांधी गोली से नहीं भूख से मरते :चक्र वीर न्यूज़


संपादकीय( चक्र वीर न्यूज़) मेरी कलम से आज जब सोशल मीडिया और देश की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रोफेसर अग्रवाल की मौत की खबर सुनी तो दिल आहत हुआ की अगर अंग्रेजों की गुलामी के समय ऐसी सरकार  उन अंग्रेजों की होती तो गांधीजी गोली से नहीं भूख से मरते पिछली बार जब यूपीए की सरकार केंद्र में थी .?तो अन्ना हजारे जब भूख हड़ताल पर रामलीला मैदान दिल्ली में बैठे तो उनका अनशन तोड़ने वाले इंदौर के महाराज स्वर्गीय भैय्यूजी महाराज के कारण केंद्र सरकार समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाने में कामयाब रही अगर शायद अन्ना हजारे अकेले आंदोलन अपने ग्राम रालेगण सिद्धि मैं करते तो शायद उनका भी वही हश्र होता जो स्वर्गीय प्रोफेसर अग्रवाल साहब का इस देश की सरकार के कारण हुआ है....... अगर प्रोफेसर  अग्रवाल जिन्हें लोग संत की तरह मानते थे और .वह बड़े ही आहत थे गंगा की गंदगी देख कर क्योंकि गंगा में गंदगी सरकार डाल रही है... जनता नहीं जनता की तो मजबूरी है की गंगा में गंदगी डालें नहीं तो क्या करें. पर मोदी सरकार ने जो नमामि गंगे प्रोजेक्ट इस देश में लाए ...और बनारस में  उन्होंने कहा कि मुझे तो गंगा मां ने बुलाया है ?और लोगों के दिल को इस बात के से जीत लिया और बनारस से सांसद चुन लिए गए पर नरेंद्र मोदी जैसे इंसान ने जब इन प्रोफेसर साहब की कोई सुध नहीं ली??? और यह सवा सौ दिन की है अपनी भूख हड़ताल करने के साथ-साथ अंतिम दिनों में पानी भी पीना त्याग दिया था ???आज बड़ा ही कष्ट हुआ जब ऐसी एक महान आत्मा जो की एक शिक्षाविद भी थे........ इन्होंने जाने कितने लोगों को ज्ञान का भंडार बांटा पर हमारे देश की निकम्मी सरकार और ......,.,..    हमारे देश की सरकार में एक ऐसी मंत्री जो अनपढ़ गवार और निरंकुश भावना की महिला है. जो अपने आप को साध्वी  क्यों पसंद करती है ?जबकि मेरी नजर में तो वह इंसान भी नहीं है. जिसने नमामि गंगे के 4: हजार 50 करोड़ रुपए कहां खर्च कर दिए? क्यों इस देश की जनता को बिना हिसाब दिए प्रश्न की बात यह है कि आप किसी राजनीतिक दल के मेंबर बनने के बाद आप अगर उच्च पद पर आसीन हो जाते हैं तो यह भूल जाते हैं? कि आप भी तो उन्हीं में से एक है बल्कि आज जिस प्रोफ़ेसर  मैं भूख और प्यास से दम तोड़ा है .                      वह आप से कहीं ज्यादा लायक व्यक्ति था और इस देश के आप से ज्यादा काम आ सकता था पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने नमामि गंगे के नाम पर जो देश की सरकार का पैसा लौटाया है झूठे प्रोजेक्ट कागजों में चलाएं उनका हिसाब जनता उनसे ले या उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे सावले क्योंकि यह सब लोग संदिग्ध हैं मोदी जी बनारस में जाकर बड़े भावनात्मक भाषण देते हैं कि मैं गंगा मां ने बुलाया है इसलिए मैं आया हूं और जब आज गंगा मां का सच्चा बेटा प्यास और भूख मर गया तब नरेंद्र मोदी सरकार क्या कर रही थी  ?????????              एंटी करप्शन न्यूज़ अखिलेश वर्मा

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ