भोपाल। व्यापमं (व्यवसायिक परीक्षा मंडल) घोटाले के बाद बदनामी से बचने के लिए सरकार ने इस संस्था का नाम बदलकर पीईबी (प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड) कर दिया था। परंतु नाम के साथ घोटाला नहीं बदला, हां घोटाले का तरीका जरूर बदल गया। 2017 में हुए पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही STF ने बड़ा खुलासा किया गया है। उसने बताया है कि सिर्फ आरक्षक भर्ती घोटाला नहीं हुआ बल्कि SI, SAF और जेल प्रहरी भर्ती में भी नए तरीके से घोटाला किया गया है। इस रैकेट में कई रसूखदार शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में 2017 में आरक्षकों की भर्ती में घोटाला पकड़ा गया था। इस मामले की जांच STF कर रही है। अब STF ने ख़ुलासा किया है कि सिर्फ आरक्षक ही नहीं, बल्कि SI, SAF और जेल प्रहरी परीक्षाओं में भी घोटाला किया गया था। घोटाले का तरीका इतना शातिराना था ताकि ये आसानी से पकड़ में ना आए। इसमें फर्ज़ी आवेदकों के नाम से फॉर्म भरे गए। इस धोखाधड़ी में व्यापम के कई अधिकारी भी शामिल थे। पूरा गिरोह 2015 से ये घोख़ाधड़ी कर रहा था। मप्र के कई थानों में तैनात SI से लेकर आरक्षक तक इसमें शामिल थे।
ये भी पता चला है कि दिल्ली के पैरामाउंट कोचिंग सेंटर का संचालक इसमें स्कोरर का रोल प्ले कर रहा था। गिरोह फॉर्म भरने से लेकर नियुक्ति दिलाने तक की ज़िम्मेदारी लेता था। ये घोटाला सिर्फ मध्य प्रदेश में ही नहीं हुआ, बल्कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसी ही धोख़ाधड़ी कर कई आरक्षक भर्ती कराए गए। STF ने PEB से पूरी जानकारी मंगवाई है।
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