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ग्वालियर- शुगर की टेबलेट को सेंट्रल स्टोर ने लगा दिया ठिकाने, जांच भी शुरू नहीं की

 


ग्वालियर, जयारोग्य अस्पताल समूह के सेंट्रल दवा स्टोर ने 10 लाख रुपये कीमत की खरीदी गई शुगर टेबलेट के घाेटाले में एक नया पैंच आ गया है। अस्पताल में इन शुगर की टेबलेट को ठिकाने लगा दिया गया है। इसमें करीब 30 हजार टेबलेट में से 15 हजार टेबलेट बिना डिमांड के सीएमएमचओ दवा स्टोर में भेज दी गई थी। वहीं प्रबंधन ने जाे कमेटी बनाई है, उसने अब तक जांच ही शुरू नहीं की है।

जेएएच के सेंट्रल दवा स्टाेर में करीब दस लाख रुपये की शुगर की टेबलेट मरीजाें के लिए आई थी। जब दवाआें की खाेजबीन शुरू हुई ताे मालूम चला कि दवा ताे बची ही नहीं है। खास बात यह है कि इन टेबलेटाें का दस्तावेजाें में भी काेई रिकॉर्ड नहीं था। प्रबंधन काे जब इस गड़बड़ी की जानकारी लगी ताे आनन फानन में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी काे जिम्मेदारी साैंपी गई कि वह पता लगाए कि शुगर की टेबलेट किन मरीजाें काे बांटी गई है आैर किस डाक्टर के पर्चे पर दवाईयां दी गई हैं। कमेटी जांच शुरू करती इसके पहले पता चला कि तीस हजार टेबलेट में से पंद्रह हजार टेबलेट बिना डिमांड के सीएमएचआे दवा स्टाेर में भेज दी गई थी।जैसे ही इसकी भनक जेएएच प्रबंधन को लगी तो टेबलेट वापस मंगवाई गईं। वापसी में महज 5000 टेबलेट ही आईं। दस हजार टेबलेट सीएमएचओ स्टोर में ही रहीं। जिसका लेखा जोखा भी जेएएच प्रबंधन के पास नहीं है। इससे साफ होता है कि शुगर दवा मामले में बड़ा खेल हुआ। 2018 के इस मामले को नईदुनिया ने उजागर किया था, लेकिन जांच की गति बेहद धीमी है।

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