ग्वालियर जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शनिवार काे मरने वाले मरीज के स्वजनाें ने रविवार काे नई सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस आैर प्रशासन के अफसर भी माैके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियाें ने स्वजनाें काे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह हटने काे तैयार ही नहीं है।
दरअसल नई सड़क सूबे की गाेठ निवासी प्रदीप कुमार बाथम की रिपाेर्ट काेराेना पॉजिटिव आने पर जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में बीते राेज आगजनी की घटना हुई थी। इसके बाद स्वजनाें काे सूचना मिली कि प्रदीप ने इलाज के दाैरान दम ताेड़ दिया है। स्वजनाें का आराेप है कि आगजनी के दाैरान धुंआ उठने के कारण ही मरीज की माैत हुई है। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आराेप लगाते हुए स्वजनाें ने रविवार काे दाेपहर करीब बारह बजे नई सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। स्वजनाें का कहना है कि मृतक के चार बच्चे हैं आैर सभी बेराेजगार हैं। इसलिए मृतक के परिवार के सदस्य काे सरकारी नाैकरी दी जाए। साथ ही वाजिब मुआवजा भी दिया जाए। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी माैके पर पहुंच गए। काफी समझाने के बाद भी जब स्वजन सड़क से उठने काे तैयार नहीं हुए ताे प्रशासनिक अफसराें काे भी सूचना दी गई। खबर लिखे जाने तक हंगामा जारी था।
क्या है मामलाः मृतक प्रदीप के बेटे का कहना है कि जब आग लगी ताे वह अपने पिता से वीडियाे कॉल पर बात कर रहा था। पिता ने बताया था कि वह पूरी तरह स्वस्थ्य हैं आैर उनकी रिपाेर्ट भी निगेटिव आ गई। आग में जब भगदड़ शुरू हुई ताे फाेन कट गया। कुछ देर बाद जब फाेन उठाया ताे नर्स ने बताया कि प्रदीप की माैत हाे चुकी है।

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