भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड काल में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए कार्य सराहनीय हैं। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप मध्य प्रदेश पुलिस कार्यप्रणाली को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाना है।
चौहान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री द्वारा गत दिनों ली गई देश के समस्त डीजी एवं आइजी कांफ्रेंस के संदर्भ में बैठक ली। उन्होंने कहा अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए 'क्राइम एनालिसिस" और अपराधों के 'हॉट स्पॉट" छांटने में आइटी का पूरा उपयोग किया जाए। सीसीटीवी नेटवर्क को और उन्न्त करने के साथ पुलिस मुख्यालय में चीफ टेक्निकल ऑफिसर भी नियुक्त किया जाए। महिला एवं बच्चों के विरूद्ध अपराध के मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बाल एवं किशोर न्यायालयों को 'चाइल्ड फ्रेंडली" बनाया जाए।
नक्सली क्षेत्रों में 'कम्युनिटी रेडियो"
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद को रोकने के लिए आंध्रप्रदेश, ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ की तरह मध्य प्रदेश की नक्सली आत्मसमर्पण योजना को बेहतर बनाएं। नक्सली क्षेत्रों में 'कम्युनिटी रेडियो" प्रारंभ करें, जो वहीं की भाषा में लोगों को जानकारी दे।
मिशन मोड में हो भगोड़ों के विरूद्ध कार्रवाई
भगोड़ों के विरूद्ध मिशन मोड में कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे वे यहां-वहां न घूम सकें। गंभीर अपराधों (7 वर्ष से ऊपर सजा वाले) में एफएसएल का पहुंचना अनिवार्य हो। जेलों में भी सुधार किया जाए। पुलिस अपना 'विजन 2030" तैयार करे। आंध्रप्रदेश की तर्ज पर 'इंटीग्रेटेड क्राइम मैनेजमेंट व्हीकल" तैयार की जा सकती है।
बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने 'नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनीवर्सिटी" से संबद्धता संबंधी बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश में अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की दक्षता, ज्ञान, अत्याधुनिक प्रणाली का उपयोग आदि के लिए इस विश्वविद्यालय की पूरी सेवाएं ली जाएं।
प्रदेश में 'नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी" का कैंपस खोला जा सकता है। इस संबंध में एक सप्ताह में जानकारी दी जाए। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जौहरी, एडीजी (सतर्कता) मकरंद देउस्कर भी उपस्थित थे।

0 टिप्पणियाँ