जबलपुर शहर में अब बिजली का बड़ा फाल्ट आने पर भी सप्लाई बाधित नहीं होगी। अभी तक शहर को होने वाली बिजली सप्लाई का सारा लोड नया गांव 220 केवी सब स्टेशन पर था। लेकिन अब इसे शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए 132 केवी सब स्टेशन विनोबा भावे से एक नई हाइटेंशन लाइन 132 केवी सब स्टेशन वीकल फैक्ट्री तक बिछाई जाएगी। बुधवार को ये कार्य शुरू हुआ। पांच करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के एक साल में पूरा होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार शहर में बिजली सप्लाई तंत्र को अधिक मजबूत बनाने का काम शुरू किया गया है। इससे शहर में सप्लाई का एक से अधिक विकल्प से जोड़ा जाना है। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने इसका एक रोडमैप बनाया है। कंपनी के एमडी सुनील तिवारी ने बुधवार को 132 केवी सब स्टेशन विनोबा भावे से सप्लाई लाइन के निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया।
132 केवी सब स्टेशन विनोबा भावे सघन आबादी में है। इसके विस्तार और डबल सर्किट करने में परेशानी आ रही थी। इससे बचने के लिए अब यहां नेरो बेस टावर का उपयोग किया जाएगा। ये परंपरागंत टॉवर की तुलना में एक चौथाई जगह ही घेरेगा। विनोबा भावे से वीकल फैक्ट्री के बीच की पांच किमी दूरी इस हाईटेंशन लाइन के बन जाने से नया गांव पर निर्भरता कम होगी।
शहर का सप्लाई नेवकर्ट हो जाएगा मजबूत, किसी एक सब स्टेशन पर नहीं आएगा लोड
ट्रांस्को के एमडी सुनील तिवारी के मुताबिक शहर की बिजली सप्लाई को और मजबूत करने के लिए 132 केवी सब स्टेशन वीएफजे और 132 केवी सब स्टेशन विनोबा भावे का विस्तार किया जा रहा है। 132 केवी सब स्टेशन वीकल फैक्ट्री जबलपुर में चार 132 केवी के फीडर बनाए जा रहे हैं। इससे अति संवेदनशील सुरक्षा संस्थानों को दो से अधिक 132 केवी की सप्लाई उपलब्ध रहेगी। साथ ही 132 केवी सब स्टेशन वीकल फैक्टरी और विनोबा भावे सब स्टेशन और 220 केवी सब स्टेशन नयागांव जबलपुर पर निर्भरता कम हो जाएगी।
चीफ इंजीनियर आरके स्थापन ने बताया कि यह बहुत ही जरूरी कार्य था। इस तरह कार्य का शुभारंभ होने से शहर की बिजली व्यवस्था को ठीक करने में मदद मिलेगी। इस मौके पर ट्रांस्को के मुख्य अभियंता राजेश श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता आरके खंडेलवाल, वीके राय, एसई जबलपुर सिटी सर्किल एसके त्रिवेदी सहित दोनों ही कंपनियों के अधिकारी माैजूद रहे।

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