मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा तहसील मैं एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां पर शासन के अधीनस्थ कर्मचारी जनता को किस तरह से करते हैं गुमराह,
हम आपको बताते हैं
बिजली विभाग ने 9 साल बाद उस व्यक्ति के नाम पर बिल भेज दिया जो इस दुनिया में नहीं है बिजली विभाग के अधीनस्थ कर्मचारियों को लगा शायद विल भेजेंगे तो मृतक के परिजन हाथ पैर जुड़ेंगे और बोलेगे साहब जो रकम है 50 परसेंट ले लो और इस मैटर को यहीं समाप्त करो
लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सीएम हेल्पलाइन में मृतक के परिवार ने शिकायत दर्ज की /
इधर विभाग के जीई साहब से बात की तो उन्होंने बोला रिकॉर्ड देख कर ही कुछ बता पाऊंगा
करैरा तहसील के सिरसोद गांव के मोतीलाल झा का 19 मार्च 2012 में निधन हो चुका है बिजली कंपनी ने 23 फरवरी 2021 को नोटिस जारी किया है घोराघाट बचन केंद्र के तहत स्थाई कनेक्शन पर फरवरी 2021 तक का बकाया ₹36438 है धारा 135 एवं धारा 56 के तहत नोटिस जारी कर 15 दिन में उक्त रकम जमा कराने का उल्लेख है साथ ही ₹10000 तक का जुर्माना एवं छह माह का कारावास जो या 3वसाल सजा भी हो सकती है
मृतक उपभोक्ता के परिजनों की मानें तो अक्टूबर 2013 को ₹200 की पीटीसी रसीद कटवा कर कनेक्शन हमेशा के लिए विच्छेद कर दिया था कनेक्शन काटने के बाद भी कंपनी ने अपने रिकॉर्ड में इसे जारी रखा और यही वजह कि मृतक उपभोक्ता के परिजनों को बकाया बिल का नोटिस भेजा जा रहा है अब परिजन ने
शासन के अधीनस्थ कर्मचारी इतने आलसी या लापरवाह होते जा रहे हैं की 9 साल तक लाइनमैन ,बाबू ,जीएम साहब को यहां तक फुर्सत नहीं मिली की जिस व्यक्ति के नाम पर बिल है वह इस दुनिया में है भी कि नहीं
मध्य प्रदेश बिजली विभाग अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर पिछले 15 सालों से कार्य करती चली आ रही है
प्रदेश के मुखिया को लापरवाह व्यक्तियों के लिए सशक्त कानून की व्यवस्था की जानी चाहिए जिससे प्रदेश में सुधार हो सके

0 टिप्पणियाँ