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कलेक्टर बोले - 1 अप्रैल के बाद 34 वार्ड में सबसे ज्यादा संक्रमण फैला, इन्हें चिह्नित कर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाएं

 


इंदौर शहर में कोरोना की रफ्तार बढ़ने के साथ ही टेंशन भी बढ़ती जा रही है। कोरोना को काबू में करने के लिए अब शहर में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को कलेक्टर मनीष सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अप्रैल में जिन 34 वार्डों में सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। वहां पर संक्रमित एरिया को चिन्हित करें और जिन मोहल्ले व क्षेत्र में संक्रमण ज्यादा फैल रहा है, वहां माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाएं। इंसीडेंट कमांडर और अन्य अधिकारी इन कंटेनमेंट जोन में सभी व्यवस्था करें।

माइक्रो कंटेनमेंट जोन में लगाए जाएंगे वैक्सीनेशन शिविर
कलेक्टर ने कहा कि माइक्रो कंटेनमेंट एरिया में आवाजाही सीमित रहे। थाना प्रभारी द्वारा गठित दल क्षेत्र में निगरानी रखे। क्षेत्र में को निगम दल लगातार सैनिटाइज करे। पॉजिटिव आने वाले और उनके परिजनों को क्वारैंटाइन करवाएं। माइक्रो कंटेनमेंट एरिया की समयावधि 7 दिन रहेगी। आंगनबाड़ी, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ता माइक्रो कंटेनमेंट जोन में स्थित सभी घरों का सर्वे कर स्क्रीनिंग करें। जरूरत पड़ने पर माइक्रो कंटेनमेंट एरिया में वैक्सीनेशन शिविर भी लगाया जाए।

ऑक्सीजन की निरंतरता बनाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती
कलेक्टर ने कहा कि इंदौर के अस्पतालों में प्रदेश के सभी जिलों से मरीज कोविड उपचार के लिए आ रहे हैं। ऐसे में हॉस्पिटल में बेड, दवाई और ऑक्सीजन की निरंतरता बनाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन में बिना जरूरी के घरों से बाहर न निकलें। मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सुनिश्चित करें। सभी पात्र व्यक्ति कोविड का टीका जरूर लगवाएं।

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