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प्रदेश में कोरोना से लड़ने के लिए लगातार बेहतर प्रयास किए जा रहे है



 भोपाल प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार बेहतर प्रयास कर रहा है। जिला प्रशासन पूरी ऊर्जा के साथ लगा हुआ है। इस अभियान में जागरूक नागरिक भी कोरोना वॉलेंटियर बन सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। प्रदेश में सरकारी और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की कुल संख्या 14 अप्रैल को 37 हजार 719 थी, जो अब बढ़कर 38 हजार 626 हो गयी है। ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति अब तेजी से सामान्य होती जा रही है। प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़कर 295 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गयी है।"

केन्द्र सरकार की स्वीकृति अनुसार आईनोक्स गुजरात से 120 मी. टन तथा भिलाई से 112 मी.टन ऑक्सीजन प्राप्त होगी। कुल 450 मी.टन ऑक्सीजन प्रदेश को मिलेगी। ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए कलेक्टर्स को स्थानीय स्तर पर भी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। 
आज की स्थिति में 34 जिलों में 01 हजार 273 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स लगाए जा चुके हैं। भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश में 08 एयर कंसेंट्रेटर यूनिट्स लगाई जा रहीं हैं। इनमें से 03 स्थानों- उज्जैन, खंडवा और सिवनी में इनका संचालन प्रारंभ हो चुका है। ये बेहद आवश्यक है कि ऑक्सीजन उसे ही लगाई जाए, जिसे वाकई में इसकी जरुरत हो और उतनी ही मात्रा में लगाई जावे, जितनी मात्रा की जरुरत हो। इसी को ध्यान में रखकर खंडवा जिले में एक अच्छी पहल की गई है। 
खंडवा में ऑक्सीजन के उपयोग की कड़ी मॉनिटरिंग तथा ऑडिटिंग से ऑक्सीजन का उपयोग 80 सिलेंडर प्रति घंटा से घटकर अब 25 सिलेंडर प्रति घंटा पर आ गया है। पहले 343 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे जो अब घटकर 110 रह गए हैं। 
मुख्यमंत्री श्री @Chouhan Shivraj ने खंडवा प्रशासन एवं चिकित्सकीय स्टाफ़ की इस व्यावहारिक बुद्धिमत्ता की सराहना की है एवं निर्देश दिए हैं कि ऐसी ही पहल अन्य जिलों में भी की जाए। अब प्रदेश के 50 जिलों में कुल 96 कोविड केयर सेंटर स्थापित हो गए हैं, जिनमें  वर्तमान में 5 हजार 798 बिस्तर उपलब्ध हैं। यहां मंद लक्षण वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 
रेमिडेसिविर इंजेक्शन की सरकारी आपूर्ति में से प्रदेश के उन निजी अस्पतालों को भी निःशुल्क इंजेक्शन दिए जा रहे हैं, जो सरकार के साथ अनुबंधित हैं। जो अस्पताल सरकार से अनुबंधित नहीं है और यदि वे सरकारी आपूर्ति में से मरीजों के लिए इंजेक्शन चाहते हैं तो वे रेड क्रॉस में राशि रुपये 1 हजार 568 प्रति इंजेक्शन जमा करके इंजेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।
रेमिडेसिविर इंजेक्शन की सरकारी आपूर्ति का अर्थ यह नहीं कि अब केवल सरकार ही इंजेक्शन उपलब्ध करा रही है।आपात  स्थिति में जनता को असुविधा न हो,इसलिए सरकार ने अपनी ओर से ये तात्कालिक व्यवस्था की है। किसी भी व्यक्ति,निजी अस्पताल के लिए ओपनमार्केट से दवाएं,इंजेक्शन खरीदी पर रोक नहीं है।
प्रदेश के 95 हजार से अधिक कोरोना वॉलेंटियर्स ने #COVID19 के खिलाफ लड़ाई को सही अर्थों में एक जन आन्दोलन बना दिया है। श्योपुर, छतरपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में वालंटियर्स बड़े पैमाने पर दीवार लेखन और #mask वितरण का कार्य कर रहे हैं।

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