ग्वालियर- राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का 4- 5 अप्रैल को ग्वालियर में प्रस्तावित दौरा रद्द हो गया है। दौरा रद्द करने का कारण नहीं बताया गया है। भाजपा के हिंदूवादी छवि के राष्ट्रीय नेता व पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया के ट्वीट को इसका कारण माना जा रहा है। एक दिन पहले उन्होंने ट्वीट किया था कि “होली मनी और कोरोना गाइड लाइन का पालन भी हुआ। अब जनता की अपेक्षा है कि किसी भी दल के नेताओं के दौरों, काफिलों में सरकारी- गैर सरकारी कार्यक्रम में संख्या को लेकर वही सख्ती दिखाई दे” इस ट्वीट के कुछ घंटों बाद सिंधिया और सीएम शिवराज का ग्वालियर-शिवपुरी का दौरा रद्द करने का ऐलान हो गया। अब इस ट्वीट के कई मायने लगाए जा रहे हैं।
सीएम के साथ कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे सिंधिया
भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का 4 और 5 अप्रैल को ग्वालियर, शिवपुरी व अशोक नगर का दौरा रद्द कर दिया गया है।
- सिंधिया को 4 अप्रैल को कोलकाता से प्रचार के बाद सीधे ग्वालियर आना था। यहां मिग-21 क्रैश में शहीद हुए ग्रुप कैप्टन आशीष गुप्ता के घर जाने के साथ-साथ कई स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेना था।
- इसके बाद 5 अप्रैल को उन्हें सीएम शिवराज सिंह के साथ शिवपुरी के पोहरी, अशोक नगर मुंगावली में विभिन्न् कार्यक्रम में भाग लेना था।
ट्वीट के बाद याद आया कोरोना
पूरा कार्यक्रम तय हो गया था। करीब 3 दिन पहले भाजपा कार्यालय से कार्यक्रम भी मीडिया को जारी कर दिया गया था। इसी बीच 2 अप्रैल को भाजपा नेता व पूर्व मंत्री के जयभान सिंह पवैया के ट्वीट से हंगामा खड़ा हो गया। जयभान सिंह ने ट्वीट किया कि “ मध्य प्रदेश सरकार का साधुवाद, कि होली भी मनी और गाइडलाइन का पालन भी कराया, माहौल सकारात्मक रहा। अब जनता की अपेक्षा है कि किसी भी दल के नेताओं के दौरों, काफिलों में सरकारी-गैर सरकारी कार्यक्रमों में संख्या को लेकर वही सख्ती दिखाई दे। महामारी के विरुद्ध लड़ाई में इसका अच्छा संदेश जाएगा।” इस ट्वीट के बाद तो मानो जैसे राजनीतिक गलियारो में तूफान सा मच गया। आनन-फानन में सीएम और सिंधिया का दौरा रद्द करना पड़ा और कहा गया कि अपरिहार्य कारणों के चलते कार्यक्रम रद्द किया गया है।
हो रहा था विरोध
सीएम शिवराज सिंह और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का मुंगावली में नल योजना का कार्यक्रम था। जब यह कार्यक्रम जारी हुआ तो वहां विरोध शुरू हो गया, क्योंकि यहीं कोरोना की बात कहकर रंग पंचमी का लगने वाले करीला माता के मेला को रद्द किया गया था। ऐसे में सीएम का कार्यक्रम होता तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाती

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